जबलपुर। समाज को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा ‘सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’ के सहयोग से संचालित जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ का भव्य शुभारंभ भंवरताल गार्डन के समीप स्थित संस्कृति थिएटर में किया गया। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, समाज सेवी व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ जितेंद्र जामदार, ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की डॉ. ऋचा शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह, आयुष जाखड़, अनु बेनिवाल मंचासीन थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
आईजी श्री वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले वर्ष का नशा मुक्ति अभियान जन-सहयोग से अत्यंत सफल रहा और इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि जीवन में कुछ बड़ा करने का प्रबल जुनून हो, तो किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ की आवश्यकता नहीं पड़ती। खेल, प्रकृति से जुड़ाव और रचनात्मक कार्यों के लिए आदत बनाएं, नशा की नहीं, क्योंकि नशा नाश का कारण होता है। उन्होंने हेल्पलाइन नंबरों—14446 (परामर्श), 14441 (सुसाइड प्रिवेंशन) और 1933 (मानस हेल्पलाइन) की जानकारी देते हुए कहा कि अगले 3 वर्षों में भारत को नशा मुक्त बनाने के संकल्प में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
डीआईजी श्री सिंह ने कहा कि युवा सकारात्मक गतिविधियों में भाग लें, खेल, गायन या करियर बनाने का ‘जुनून’ अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज को बर्बाद करता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि यदि आसपास कहीं भी नशे का सिंडिकेट या अवैध गतिविधि दिखे, तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
कलेक्टर श्री सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नशा एक ऐसा सामाजिक अभिशाप है जिससे कोई भी समाज स्वस्थ प्रगति करने में असफल रहता है। प्रायः हम देखते हैं कि जिस भी घर में एक व्यक्ति भी अगर नशे का आदी निकल गया तो घर की तरक्की रुक जाती है। साथ ही कहीं न कहीं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, परिवार का स्वास्थ्य, परिवार की देखरेख और परिवार की वित्तीय स्थिति इन सभी पर बहुत ही बड़ा प्रभाव पड़ता है और इस कुप्रभाव के कारण वह परिवार अपने उस पोटेंशियल को हासिल नहीं कर पाता, जिस पोटेंशियल को हासिल कर सकता था। उन्होंने आगे कहा कि जो यह अभियान अभी चलाया जा रहा है, उसके माध्यम से अगले 15 दिनों तक विस्तृत कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें बच्चों, वयस्कों और सभी को इस विषय में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यालय परिसर के आसपास तंबाकू इत्यादि की दुकानें ना रहें। ये सभी चीजें बस इसलिए की जा रही हैं कि हमारा देश नशा मुक्त बन सके। नशा मुक्त सिर्फ ड्रग्स ही नहीं, बल्कि तंबाकू और बाकी अन्य नशों से भी खुद की दूरी बनाए रखनी है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के बारे में अपने आसपास के लोगों को अवगत जरूर कराएं कि नशे से किसी का लाभ नहीं होता, बल्कि पूरे परिवार और समाज की हानि होती है
पुलिस अधीक्षक श्री उपाध्याय ने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को खत्म कर उसे खोखला कर देता है। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा करना नहीं, बल्कि समाज को नशा मुक्त बनाना भी है। श्री उपाध्याय ने आम जनता से आग्रह किया कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे का कारोबार करने वालों के विरुद्ध प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
डॉ. जितेंद्र जामदार ने ‘हितोपदेश’ का संदर्भ देते हुए नशे के मेडिकल दुष्प्रभावों और नार्को-टेररिज्म पर इसके घातक प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बुद्धिमान लोग अपना समय सृजनात्मक कार्यों में लगाते हैं, जबकि व्यसनी उसे नशे में नष्ट करते हैं।
ब्रह्मकुमारी वर्षा बहन ने मन की शक्ति और सकारात्मक विचारों के माध्यम से नशे की लत से मुक्ति का मार्ग सुझाया। उन्होंने ‘राजयोग मेडिटेशन’ का अभ्यास करने का सुझाव दिया ताकि युवाओं में तनाव को कम किया जा सके।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की डॉ. ऋचा शर्मा ने कहा कि बचाव इलाज से बेहतर है और युवाओं से अपील की कि वे अच्छी आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अपील संदेश का प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम में नवज्योति नशामुक्ति केन्द्र अवधपुरी के कलाकारों द्वारा संजय पांडे के निर्देशन में नशामुक्ति को लेकर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के अंत में आईजी श्री प्रमोद वर्मा ने सभी को नशामुक्त समाज के निर्माण की सामूहिक शपथ दिलाई। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग के प्रभारी संयुक्त संचालक सोनम बर्बे व विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। साथ ही नशा मुक्ति अभियान से जुड़े संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
जागरूकता के लिए निकाली रैली –
कार्यक्रम के पश्चात संस्कृति थिएटर भंवरताल से एक जन-जागरूकता रैली निकाली गई। आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसके माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।


