_वायरल वीडियो पर सिवनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अब तक 9 आरोपी और 4 विधिविरुद्ध बालक न्यायिक हिरासत में; घटना में प्रयुक्त वाहन, रस्सी, पाइप व मोबाइल जब्त_
सिवनी – सोशल मीडिया पर वायरल हुए आईटीआई छात्र के साथ बंधक बनाकर सामूहिक मारपीट के बहुचर्चित मामले में सिवनी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो स्कूटी, एक टीवीएस मोटरसाइकिल, नायलॉन की रस्सी, पीवीसी पाइप तथा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कुछ युवक एक आईटीआई छात्र को बंधक बनाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो में आरोपियों द्वारा गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने तथा घायल युवक के घावों पर मिर्च-नमक लगाने जैसी अमानवीय हरकतें भी सामने आई थीं।
मामले में पीड़ित सोहेल खान, निवासी भोमा (कान्हीवाड़ा) की शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 626/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
पुलिस ने इससे पहले ईश्वर उर्फ अस्मित मानाठाकुर, मंजीत रैकवार, भूपेन्द्र उर्फ लकी विश्वकर्मा, जीतू उर्फ अभय उइके एवं अभिषेक उइके को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, इस मामले में शामिल चार विधिविरुद्ध बालकों को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा जा चुका है।
विवेचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश जारी थी। इसी क्रम में पुलिस ने रोहित मानाठाकुर (36), आयुष उर्फ आदित्य मानाठाकुर (22), साहित्य उर्फ मोन्टू मानाठाकुर (22) एवं उत्तम सनोडिया (22) को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि मामले का एक अन्य आरोपी संजय चंद्रवंशी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, उपनिरीक्षक सतेंद्र उपाध्याय, सहायक उपनिरीक्षक जसवंत सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक मनोज पाल सहित थाना कोतवाली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने कहा कि जिले में गुंडागर्दी, संगठित अपराध और कानून हाथ में लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


