कानपुर में 36.28 करोड़ रुपये की साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा, 60 गिरफ्तार
कानपुर, (वार्ता) उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर 14 से 20 जुलाई तक चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन साइवज्र’ के तहत कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई करते हुए 60 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।अभियान के दौरान 357 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) शिकायतों का सफल विश्लेषण किया गया तथा लगभग 36.28 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 173 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई।पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान साइबर अपराध में प्रयुक्त संदिग्ध मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, एटीएम निकासी स्थलों, म्यूल खातों, सिम बॉक्स, अवैध कॉल सेंटर, फर्जी सिम विक्रेताओं तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की गई। कमिश्नरेट के थाना साइबर क्राइम, ईस्ट, वेस्ट, सेंट्रल और साउथ जोन की साइबर सेल टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 547 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। इनमें से 60 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 67 व्यक्तियों को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किए गए। साथ ही विभिन्न राज्यों और जनपदों में दर्ज 14 लिंक एफआईआर का सत्यापन तथा 24 नए मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें एक मामला ऑनलाइन चाइल्ड वेलफेयर से संबंधित है।
अभियान के दौरान थाना साइबर क्राइम ने 14 अभियुक्तों की गिरफ्तारी, 189 एनसीआरपी शिकायतों के विश्लेषण और 75 म्यूल बैंक खातों की पहचान की। वेस्ट जोन में सर्वाधिक 38 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए तथा करीब 31.02 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का विश्लेषण किया गया। सेंट्रल जोन में आठ अभियुक्त गिरफ्तार हुए और 60 म्यूल खातों की पहचान की गई, जबकि ईस्ट जोन में चार नए मुकदमे दर्ज कर 32 शिकायतों का सफल विश्लेषण किया गया।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 85,100 रुपये नकद, 44 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप/डेस्कटॉप, 18 सिम कार्ड तथा 25 डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड बरामद किए।
2027 चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, मंत्री नरेंद्र कश्यप के आवास पर पिछड़ा वर्ग मोर्चा की अहम बैठक
लखनऊ, (वार्ता) उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री (पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण) नरेंद्र कश्यप के लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा और उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, पिछड़ा वर्ग के बीच जनसंपर्क बढ़ाने तथा चुनावी रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल, मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश वर्मा सहित आयोग एवं संगठन से जुड़े अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए पिछड़ा वर्ग समाज के बीच लगातार संवाद स्थापित करना होगा और केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय बनाने और जनसंपर्क अभियान को तेज करने का आह्वान किया।प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में पिछड़ा वर्ग समाज के प्रमुख लोगों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंडल, सेक्टर और बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
11 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन कारावास
देवरिया, (वार्ता) उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले की एक सत्र अदालत ने 11 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।अभियोजन पक्ष के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-4 की अदालत ने सोमवार को बरहज थाना क्षेत्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड में आरोपी उदयभान गिरी और पंकज गिरी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302/34 के तहत हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।अदालत ने दोनों दोषियों को साक्ष्य मिटाने के अपराध में आईपीसी की धारा 201 के तहत दो-दो वर्ष के कठोर कारावास तथा 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड से भी दंडित किया। इस प्रकार प्रत्येक दोषी पर कुल 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
मुरादाबाद में 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार
मुरादाबाद, (वार्ता)उत्तर प्रदेश एसटीएफ आगरा और पाकबड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी दीपक राय को गिरफ्तार किया। आरोपी वर्ष 2020 में एक पेट्रोल पंप से करीब छह हजार लीटर डीजल लेने के बाद भुगतान किए बिना फरार हो गया था और तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक राय, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) का निवासी है। वह थाना पाकबड़ा में दर्ज धोखाधड़ी एवं जालसाजी के मुकदमे में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2020 में उसने पाकबड़ा क्षेत्र स्थित चरण फिलिंग स्टेशन, लोधीपुर राजपूत से लगभग 6,000 लीटर डीजल लिया था। इसके बदले उसने आईसीआईसीआई बैंक की तानसेन नगर शाखा, ग्वालियर के दो चेक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और लेटर पैड देकर तीन दिन के भीतर भुगतान करने का भरोसा दिलाया था। हालांकि निर्धारित समय बीतने के बाद उसने भुगतान नहीं किया और फरार हो गया।उन्होने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। उसे पकड़ने के लिए न्यायालय के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई भी की गई, लेकिन वह न तो आत्मसमर्पण करने पहुंचा और न ही पुलिस के हाथ लगा। बाद में 14 फरवरी 2023 को उसके विरुद्ध फरारी में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
जौनपुर में स्कूल के पास सेक्स रैकेट का भंडाफोड़,दो हिरासत में
जौनपुर, (वार्ता) उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में कोतवाली और लाइन बाजार पुलिस ने सोमवार को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के कटघरा स्थित अंजु गिल एकेडमी स्कूल के समीप संचालित कथित सेक्स रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया।पुलिस के अनुसार स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से इस स्थान पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायत मिल रही थी। शिकायतों के आधार पर संयुक्त टीम ने छापा मारा। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह अवैध गतिविधि पिछले करीब छह माह से संचालित होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की गहन जांच जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यदि जांच में देह व्यापार या अन्य अवैध गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो संबंधित आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।


