सिवनी- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के युवा समाजसेवी एवं दीपक जयहिंद टीम सिवनी के संस्थापक दीपक डेहरिया ने दिल्ली छात्र संसद 2026 के राष्ट्रीय मंच से किसानों, युवाओं, महंगाई, गौ संरक्षण और सामाजिक सौहार्द जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से उठाते हुए अपनी बुलंद आवाज़ से सदन का ध्यान आकर्षित किया।
अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने शायराना अंदाज़ में की। इसके बाद उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि देश का अन्नदाता आज भी खाद जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि किसान को कुछ बोरी यूरिया लेने के लिए आधार कार्ड के साथ घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि शराब की उपलब्धता में ऐसी कोई कठिनाई नहीं दिखाई देती। सरकार यदि किसानों का वास्तविक सम्मान करना चाहती है तो उन्हें उनकी उपज का लाभकारी और उचित मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए।
दीपक डेहरिया ने अपने संबोधन में गौ संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जो सरकार स्वयं को हिंदू हितैषी बताती है, वह अब तक गौ को राष्ट्र माता घोषित नहीं कर पाई है। साथ ही उन्होंने समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने की बात कहते हुए कहा कि आम जनता के बीच नफरत नहीं, बल्कि राजनीति के कारण विभाजन की स्थिति पैदा होती है।
महंगाई और आम जनता की परेशानियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने शायरी के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है और सरकार को जनता की मूलभूत आवश्यकताओं पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
अपने संबोधन के अंतिम चरण में उन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “संघर्षों के साए में इतिहास हमारा पलता है, जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर ज़माना चलता है।” इसके बाद उन्होंने “इंकलाब ज़िंदाबाद” के नारे के साथ अपना भाषण समाप्त किया।
दिल्ली छात्र संसद के राष्ट्रीय मंच पर दीपक डेहरिया के ओजस्वी और बेबाक संबोधन को उपस्थित प्रतिनिधियों ने सराहा। सिवनी जिले के लिए यह गौरव का विषय माना जा रहा है कि जिले का एक युवा राष्ट्रीय मंच से किसानों, युवाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ देश के सामने रख रहा है।


