सड़क निर्माण से इनकार का आरोप, बोले– टैक्स लेते हैं तो सुविधाएं क्यों नहीं देते?
जबलपुर। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 72 (दादा ठनठपाल वार्ड) अंतर्गत लमती क्षेत्र की जर्जर सड़कों को लेकर रहवासियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के समाधान के बजाय उन्हें लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र की पार्षद अर्चना सिसोदिया का रवैया पूरी तरह अड़ियल और उदासीन है, जिसके कारण मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य भी ठप पड़े हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार गली नंबर-4 सहित आसपास की कई गलियां पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। बरसात के दिनों में यहां कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रहवासियों का आरोप है कि जब सड़क निर्माण की मांग को लेकर पार्षद से संपर्क किया गया तो उन्होंने यह कहते हुए काम कराने से मना कर दिया कि पूरी कॉलोनी अवैध है। इस जवाब से लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि कॉलोनी वास्तव में अवैध है तो नगर निगम वर्षों से संपत्ति कर, जलकर और अन्य करों की वसूली किस अधिकार से कर रहा है। लोगों का कहना है कि कर वसूली के समय कॉलोनी वैध मानी जाती है, लेकिन सुविधाएं देने की बात आते ही अवैध होने का तर्क सामने रख दिया जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पार्षद क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। उनका कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही क्षेत्र की अनदेखी शुरू हो गई। कई बार ज्ञापन देने और मौखिक शिकायतों के बावजूद सड़क, नाली और सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
रहवासियों का कहना है कि खराब सड़कें केवल असुविधा का कारण नहीं हैं, बल्कि दुर्घटनाओं का भी खतरा बढ़ा रही हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर अक्सर हादसों का शिकार हो रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि पूरे लमती क्षेत्र का सर्वे कराकर सड़क निर्माण सहित सभी मूलभूत सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तत्काल बनाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र के लोग जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित जनप्रतिनिधियों की होगी।


