जबलपुर। शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यापारी के बैंक खाते से सात दिनों के भीतर करीब 1.87 लाख रुपये निकाल लिए गए और उसे इसकी भनक तक नहीं लगी। बैंक में पासबुक अपडेट कराने पहुंचने पर जब उसने खाते का विवरण देखा तो उसके होश उड़ गए। खाते से कई ट्रांजेक्शन के माध्यम से रकम निकाले जाने का खुलासा हुआ, जिसके बाद उसने तत्काल पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
लार्डगंज थाना पुलिस के अनुसार शताब्दीपुरम फेस-2 निवासी सुनील दुबे ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह राइट टाउन स्थित अतुल विहार में श्रीजी एसोसिएट के नाम से सीमेंट का व्यवसाय संचालित करते हैं। उनका खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, मालवीय चौक शाखा में है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि 17 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे वह अपनी पासबुक में एंट्री कराने बैंक पहुंचे थे। पासबुक अपडेट होने के बाद जब उन्होंने खाते का विवरण देखा तो पता चला कि 10 जुलाई से 16 जुलाई के बीच अलग-अलग ट्रांजेक्शनों के माध्यम से उनके खाते से 1,87,472 रुपये निकाल लिए गए हैं। सबसे हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने न तो यह रकम स्वयं निकाली थी और न ही किसी को इसकी अनुमति दी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी ने बैंक अधिकारियों से संपर्क कर ट्रांजेक्शन की जानकारी ली और बाद में लार्डगंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है और साइबर विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि रकम किस माध्यम से निकाली गई। जांच में बैंक ट्रांजेक्शन, संबंधित खातों, मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने बैंक खाते की जांच करते रहें, मोबाइल पर आने वाले बैंक अलर्ट सक्रिय रखें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी संदिग्ध बैंकिंग लेनदेन की जानकारी मिलते ही तुरंत बैंक और पुलिस के साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके


