पहले ही दिन जनसुनवाई में संभाली जिम्मेदारी
जबलपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। इस बात को सच साबित किया है जबलपुर के युवा हिमांशु सोनी ने। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी लगन के बल पर मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा (2024 बैच) में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होकर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन के बाद हिमांशु सोनी ने सोमवार को जबलपुर कलेक्ट्रेट में अपना कार्यभार ग्रहण किया। सेवा के पहले ही दिन उन्होंने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के साथ आयोजित जनसुनवाई में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बिजली, शिक्षा, ऊर्जा सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों और आम नागरिकों की समस्याओं को सुना तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को निकट से समझा।
बिना कोचिंग हासिल की सफलता
हिमांशु ने बताया कि उन्होंने किसी ऑफलाइन कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यम से नियमित अध्ययन किया और पूरी तैयारी की। इसके बाद इंदौर में आयोजित साक्षात्कार में शामिल हुए, जहां बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
हिमांशु ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान परिवार ने हर स्तर पर उनका साथ दिया। पढ़ाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से लेकर मानसिक रूप से प्रेरित करने तक, परिजनों ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया।
पिता बोले— संघर्ष का मिला सुनहरा परिणाम
हिमांशु के पिता महेंद्र सोनी ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद हिमांशु ने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते हुए यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने युवाओं से भी कठिन परिस्थितियों में धैर्य और परिश्रम बनाए रखने की अपील की।
युवाओं को दिया प्रेरक संदेश
नवचयनित डिप्टी कलेक्टर हिमांशु सोनी ने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ और असफलताएँ सफलता की राह का हिस्सा होती हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और स्वयं पर विश्वास बना रहे, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ अपने सपनों को पूरा करने का आह्वान किया।


