कीव, यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को कहा कि चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे मालवाहक जहाज एमवी आमिर1 सवार भारतीय नाविकों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और इस मामले को “सर्वोच्च प्राथमिकता” दी गई है।दूतावास ने कहा कि भारतीय अधिकारी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि सभी नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
‘फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (एफएसयूआई) ने इस मामले की ओर ध्यान दिलाया था। यूनियन के अनुसार, चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे इस मालवाहक जहाज के 15 सदस्यीय चालक दल में से 13 भारतीय नाविक शामिल हैं। ब्लैक सी (काला सागर) बंदरगाह के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, “एमवी आमिर1 पर भारतीय नाविकों से जुड़ी स्थिति हमारे संज्ञान में लाई गई है। हम इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि जहाज पर मौजूद सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”
नाविक संगठन ने भारतीय सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उसने सरकार, जहाज मालिकों, जहाज के ध्वज वाले देश (फ्लैग स्टेट) और अन्य संबंधित अधिकारियों से चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी शीघ्र निकासी और स्वदेश वापसी की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
हालिया हमलों के बाद भारत ने रूस और यूक्रेन, दोनों देशों के राजनयिकों को तलब कर नागरिक व्यापारी जहाजों पर बार-बार हो रहे हमलों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।नई दिल्ली ने दोनों पक्षों से यह भी आग्रह किया है कि जारी संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


