प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालाघाट में बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे के संरक्षण में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की जिला नोडल अधिकारी डॉ. कंचन मसराम के मार्गदर्शन तथा संयोजक डॉ. रचना कोरी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं महर्षि सांदीपनि के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया।
मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रो. संतोष कुमार सक्सेना एवं डॉ. सतीश चिले ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय गुरु-शिष्य परम्परा की गौरवशाली विरासत से उपस्थित जनसमुदाय को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण एवं जीवन को सही दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत भी होते हैं।
इस अवसर पर डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव एवं डॉ. पी.एस. कातुलकर ने भी गुरु पूर्णिमा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित किया। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों का पौधा एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। साथ ही महाविद्यालय के समस्त गुरुजनों का तिलक-वंदन कर श्रीफल अर्पित करते हुए सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने भी अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
महाविद्यालय में “गुरु पूर्णिमा महोत्सव – महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व” के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सांदीपनि अलंकरण समारोह का सीधा प्रसारण भी सामूहिक रूप से देखा गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में डॉ. संतोष लिल्हारे, डॉ. डुलेश्वरी टेम्भरे, श्रीमती चित्रमाला भीमटे, डॉ. योगिता पटले एवं प्रो. आनंद पारधी का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. योगेश विजयवार, डॉ. एन.एम. कुरैशी, प्रो. सुखचंद ऐडे, डॉ. ताराचंद बड़घैया सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


