परसवाडा़- राष्ट्रीय पवार क्षत्रिय महासभा भारत की कार्यकारिणी बैठक के अवसर पर ‘पवारी/पोवारी पाठशाला’ की आधिकारिक वेबसाइट का विधिवत विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम पंवार मंगल भवन, बालाघाट में राष्ट्रीय पवार क्षत्रिय महासभा भारत, जिला पंवार संगठन बालाघाट एवं पंवार मांदी समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
पवारी भाषा के संरक्षण, संवर्धन, प्रलेखन एवं डिजिटल अभिलेखीकरण के उद्देश्य से संचालित ‘पवारी/पोवारी पाठशाला’ की वेबसाइट का शुभारंभ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल चौधरी तथा पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष टी. डी. बिसेन द्वारा किया गया। यह वेबसाइट पवारी भाषा के अध्ययन-अध्यापन, शिक्षण सामग्री, प्रलेखन एवं भावी शोध कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल मंच सिद्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि ‘पवारी/पोवारी पाठशाला’ के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार सायं 7:30 बजे नियमित ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जाता है। इन्हीं कक्षाओं तथा भाषा-संबंधी सामग्री के व्यवस्थित प्रलेखन एवं व्यापक प्रसार के उद्देश्य से इस वेबसाइट का निर्माण किया गया है।
बैठक में महासभा के महासचिव अर्पण बिसेन, सांसद भारती पारधी, पूर्व कैबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन, विधायक मधु भगत, महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बी. एम. शरणागत, जिला पंवार संगठन के पदाधिकारी, पंवार मांदी समिति के पदाधिकारी तथा महासभा के अनेक प्रतिनिधि एवं समाजजन उपस्थित रहे।
वेबसाइट के निर्माण एवं विकास का कार्य पवारी भाषा के अध्यापक तथा शोध परिषद् के संयोजक डॉ. तूफान सिंह पारधी तथा पंकज टेंभरे ‘जुगनू’ द्वारा किया गया है। कार्यक्रम में डॉ. प्रतिभा बिसेन ने ‘पवारी/पोवारी पाठशाला’ की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की जानकारी दी, जबकि वेबसाइट की विशेषताओं, उपयोगिता एवं भविष्य की योजनाओं पर डॉ. तूफान सिंह पारधी एवं पंकज टेंभरे ‘जुगनू’ ने विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यकारिणी बैठक में उपस्थित समाजजनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे पवारी भाषा के संरक्षण, संवर्धन तथा डिजिटल दस्तावेजीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया। यह वेबसाइट आने वाली पीढ़ियों तक पवारी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी ऐसा माना जा रहा है ।


