August 1, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

‘नशे से दूरी, है जरूरी 2.0’ अभियान का समापन, 18 लाख सोशल मीडिया व्यूज; एसपी ने लॉन्च किया ‘डिजिटल प्रहरी’ क्यूआर कोड



जबलपुर। जिले में 15 जुलाई से संचालित ‘नशे से दूरी, है जरूरी 2.0’ पंद्रह दिवसीय जनजागरूकता अभियान का गुरुवार को भंवरताल स्थित संस्कृति भवन में गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, कैंट विधायक अशोक रोहाणी, पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अतुल सिंह, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की डॉ. ऋचा शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया गया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर संचालित इस अभियान के माध्यम से दो लाख से अधिक लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया गया। उन्होंने नागरिकों से नशे के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को देने और युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
कैंट विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि नशामुक्ति अभियान केवल 15 दिनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से पुलिस द्वारा जारी क्यूआर कोड के माध्यम से नशे से जुड़ी सूचनाएं साझा करने की अपील की।
डीआईजी अतुल सिंह ने कहा कि अभियान के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर पूरे वर्ष नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति और महिला सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़े विषय हैं तथा इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों और मीडिया का महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि अभियान का समापन हुआ है, लेकिन इसकी भावना निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि बीते 15 दिनों में स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, खेल मैदानों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, हाट-बाजारों, कॉलोनियों और गांवों में संवाद, रैली, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, पंपलेट, शॉर्ट फिल्म, गीत-संगीत तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से हजारों लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया और नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।
उन्होंने बताया कि जबलपुर पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चलाए गए नशामुक्ति जागरूकता अभियान को लगभग 18 लाख व्यूज प्राप्त हुए, जो आमजन की सहभागिता का सकारात्मक संकेत है।
समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘डिजिटल प्रहरी’ क्यूआर कोड भी जारी किया। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक नशे के कारोबार, मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण अथवा तस्करी से संबंधित सूचना सीधे पुलिस अधीक्षक तक गोपनीय रूप से पहुंचा सकेगा। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उपयोगी सूचना देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और नशे के अवैध कारोबार की जानकारी बिना किसी भय या संकोच के पुलिस तक पहुंचाएं।

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