सिवनी – मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान से केवलारी विकासखंडों के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल मे पटवारियों ने केवलारी मुख्यालय स्थित तहसील ऑफिस पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। पटवारी संघ केवलारी के अध्यक्ष गौरव मेश्राम का कहना है कि वेतनमान की विसंगतिया, कैडर रिव्यू, पदोन्नति और सेवा संबंधी कई महत्वपूर्ण मामले वर्षों से लंबित हैं। अन्य विभागों के कर्मचारियों को समय-समय पर पदोन्नति का लाभ मिल रहा है, जबकि पटवारी वर्ग इससे वंचित है। संघ ने शासन से कैडर रिव्यू के लंबित प्रस्ताव को तत्काल लागू करने की मांग की है। संघ ने नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा नियमित रूप से आयोजित करने की भी मांग उठाई। पटवारियों का कहना है कि वर्ष 2018 के बाद से परीक्षा नहीं होने के कारण पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है। पटवारियों ने शासकीय कार्यों के दौरान सुरक्षा प्रदान करने तथा ‘जज प्रोटेक्शन एक्ट’ की तर्ज पर कानूनी संरक्षण देने की मांग भी की। उनका कहना है कि कई मामलों में केवल राजस्व प्रतिवेदन देने के बावजूद उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में भय का वातावरण बना रहता है। इसके अलावाफार्मर आईडी, स्वामित्व योजना और सर्वे कार्यों का लंबित मानदेय तत्काल भुगतान करने तथा नियमों के विरुद्ध किए गए तबादलों को निरस्त करने की माग की गई। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो आदोलन और तेज किया जाएगा। पटवारियों की हड़ताल से नामातरण, सीमांकन, बंटवारा, फसल गिरदावरी और भूमि अभिलेखों से जुड़े राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


