10 हजार से शुरू हुआ सफर, आज 50 हजार के ऋण से आत्मनिर्भर बना परिवार
मेहनत और सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिल जाए तो आर्थिक कठिनाइयों से उबरना संभव हो जाता है। इसका प्रेरक उदाहरण हैं नगर पालिका परिषद बालाघाट के वार्ड क्रमांक 24 निवासी श्रीमती रोशनी बंशकार, जिन्होंने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के माध्यम से अपने छोटे से व्यवसाय को नई पहचान दिलाई। श्रीमती रोशनी बंशकार वार्ड क्रमांक 15 स्थित काली पुतली चौक में सूपा, टोकना एवं झाड़ू बेचने का व्यवसाय करती हैं। उनके परिवार में पांच सदस्य हैं और यही व्यवसाय परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार है।
कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने उनके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया। व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गया और परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया। ऐसे कठिन समय में नगर पालिका परिषद बालाघाट ने उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी दी और यूको बैंक के माध्यम से पहली बार 10 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया।
रोशनी बंशकार ने इस राशि का सदुपयोग कर अपना व्यवसाय दोबारा शुरू किया। समय पर ऋण की पूरी राशि चुकाने पर उन्हें 20 हजार रुपये का दूसरा ऋण मिला। दूसरे ऋण का भी नियमित भुगतान करने के बाद उन्हें योजना के अंतर्गत 50 हजार रुपये का तीसरा ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहायता ने उनके व्यवसाय को मजबूती दी और आय में लगातार वृद्धि हुई।
आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हो चुका है तथा उनकी मासिक आय लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ ही वे प्रधानमंत्री आवास योजना, बीपीएल कार्ड और आयुष्मान भारत योजना जैसी अन्य सरकारी योजनाओं का भी लाभ प्राप्त कर रही हैं, जिससे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है।
श्रीमती रोशनी बंशकार का कहना है कि यदि समय पर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का सहयोग नहीं मिलता तो महामारी के बाद दोबारा व्यवसाय खड़ा करना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं ने उनके परिवार को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। रोशनी बंशकार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों तक पहुंचकर न केवल उनकी आजीविका को संबल देती हैं, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती हैं।


