जबलपुर। अधारताल निवासी मुकेश कुमार गंभीर ने शहर के एक निजी अस्पताल और वहां के डॉक्टर पर इलाज में कथित लापरवाही, आर्थिक शोषण और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़ित का आरोप है कि करीब दो वर्ष पहले होंठ के अंदर हुए छाले के इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने पहले बायोप्सी कराई और उसके बाद ऑपरेशन की सलाह दी। उनका दावा है कि सर्जरी से एक दिन पहले उनके परिजनों से 75 हजार रुपये नकद लिए गए, लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। साथ ही शेष राशि आयुष्मान योजना के माध्यम से प्राप्त की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन से पहले सहमति पत्रों पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर कराए गए।
मुकेश कुमार का कहना है कि ऑपरेशन के बाद भी उनकी समस्या समाप्त नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल और भोपाल एम्स सहित अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में परामर्श लिया, जहां उन्हें दोबारा सर्जरी नहीं करने और वैकल्पिक उपचार अपनाने की सलाह दी गई। उनका आरोप है कि पहली सर्जरी में हुई कथित लापरवाही के कारण उनकी स्थिति और जटिल हो गई।
पीड़ित के अनुसार, वह इस मामले की शिकायत लेकर कई बार मदन महल थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महत्वपूर्ण: इस समाचार में लगाए गए सभी आरोप पीड़ित के हैं। समाचार लिखे जाने तक संबंधित अस्पताल अथवा डॉक्टर का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


