कोतमा,। एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय धूरवासीन का जर्जर भवन स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां पढ़ने वाले नौनिहाल हर दिन खतरे के साए में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। स्कूल की छत और दीवारें लंबे समय से मरम्मत के अभाव में कमजोर हो चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। जर्जर छत और दीवारों के बीच बच्चों और शिक्षकों को भय के माहौल में स्कूल संचालन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन द्वारा भवन की स्थिति से संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक के क्षेत्र में बदहाली
सबसे हैरानी की बात यह है कि जर्जर स्कूल भवन से कुछ ही दूरी पर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान भाजपा विधायक बिसाहूलाल सिंह का निवास बताया जा रहा है। इसके बावजूद स्कूल भवन की बदहाल स्थिति पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है। यदि समय रहते भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण नहीं कराया गया और कोई दुर्घटना हो गई तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए अथवा नए भवन के निर्माण को स्वीकृति देकर सुरक्षित स्थान पर कक्षाएं संचालित कराई जाएं।
इनका कहना
हमने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से भवन की स्थिति से अवगत कराया है।
प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धुरवासिन


