जबलपुर में बढ़ते बैंकिंग, एटीएम फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने 24 अगस्त को पुलिस कंट्रोल रूम में विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध शहर आयुष जाखड़ सहित करीब 40 बैंक अधिकारी मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस के साथ बैंक अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। खाताधारकों को जागरूक कर साइबर ठगी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने पुलिस द्वारा स्कूल-कॉलेज, बाजार, बस स्टैंड, कॉलोनी और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियानों की जानकारी भी दी।
बैठक में केवाईसी, एओएफ और बैंक स्टेटमेंट समय पर उपलब्ध नहीं कराने, साइबर पोर्टल पर शिकायत अपडेट में देरी, रकम पर होल्ड/लीन लगाने, कोर्ट के रिफंड आदेशों का समय पर पालन नहीं करने तथा फ्रीज खातों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा Mobile Restoration Module (MRM) और Grievance Redressal Management (GRM) पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी के मामलों में रकम वापस कराने और शिकायतों के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


