बरगी बांध के 9 गेट 0.78 मीटर खुले, नर्मदा में छोड़ा जा रहा 1235 क्यूमेक पानी
जबलपुर। बरगी बांध के जलाशय में लगातार बढ़ते जलस्तर और बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण नर्मदा नदी इन दिनों पूरे उफान पर है। कल-कल बहती नर्मदा के तेज प्रवाह और मनोहारी स्वरूप को देखने के लिए जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पर्यटक और शहरवासी नदी के विभिन्न घाटों एवं तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।
बरगी बांध (रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना) से 26 अगस्त 2026 की रात 8 बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जलाशय का जलस्तर 421.00 मीटर दर्ज किया गया, जबकि लाइव जल भंडारण क्षमता 2730 एमसीएम यानी 85.85 प्रतिशत है। बांध की अधिकतम जलभराव क्षमता (एफआरएल) 422.76 मीटर है।
बांध में इस समय औसतन 1914 क्यूमेक पानी की आवक हो रही है। जल प्रबंधन के तहत बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खुले हुए हैं। गेटों के माध्यम से करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा आरबीपीएच से 204 क्यूमेक, एलबीएमसी से 2 क्यूमेक तथा आरबीएमसी से 10 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। कुल डिस्चार्ज 1247 क्यूमेक दर्ज किया गया है।
नर्मदा नदी में कुल 1235 क्यूमेक पानी पहुंच रहा है। पानी की इस तेज रफ्तार के चलते नदी का स्वरूप बेहद आकर्षक नजर आ रहा है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग नर्मदा के उफान और तेज बहाव को देखने पहुंच रहे हैं।
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले नौ घंटे में औसत वर्षा शून्य रही, जबकि चालू मानसून अवधि में अब तक 984.56 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
यदि पिछले वर्ष की इसी तारीख से तुलना करें तो 26 अगस्त 2025 को रात 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 422.90 मीटर तथा लाइव जल भंडारण 3217 एमसीएम यानी 101.16 प्रतिशत दर्ज किया गया था। वर्तमान वर्ष में जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में कम है, हालांकि नर्मदा में बांध से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी का प्रवाह तेज बना हुआ है।
प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा नदी एवं घाटों पर पहुंचने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने और पानी के बेहद करीब जाकर जोखिम उठाने से बचना जरूरी है।


