राजनगर। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना रामनगर पुलिस ने नगर परिषद डोला की अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना में उपयोग हेतु रखी गई 49 नग डीआई पाइप चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई पाइप बरामद की है।*घटना का विवरण*
दिनांक 04.09.2026 को फरियादी उमाशंकर कुशवाहा द्वारा थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि नगर परिषद डोला अंतर्गत बस स्टैंड के पास अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना के लिए रखी गई 49 नग डीआई पाइप अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ली गई हैं। चोरी गई पाइप की अनुमानित कीमत ₹3,50,350 है। रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 258/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
*पुलिस की त्वरित कार्यवाही*
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना रामनगर पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया। प्राप्त साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही ट्रक की पहचान कर इंदौर निवासी ट्रक चालक अंसार पटेल पिता इशाक पटेल, उम्र 55 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एक अज्ञात व्यक्ति (उक्त व्यक्ति का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है जिसकी विवेचना की जा रही है) के कहने पर नगर परिषद डोला बस स्टैंड के पास रखी डीआई पाइप ट्रक क्रमांक MP 09 GJ 7865 में लोड की थीं। आरोपी की निशानदेही पर चोरी गई 49 नग डीआई पाइप मय ट्रक के पथरौड़ी के पास से बरामद कर ली गईं हैं । आरोपी ट्रक चालक ने बताया कि जिस व्यक्ति ने ट्रक में चोरी कराकर पाइप लोड कराया था वह अपना मोबाइल बंद कर लिया था जिस कारण से यह पाइप लेकर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया था ।
*बरामद मशरूका*
* 49 नग डीआई पाइप कुल अनुमानित कीमत: ₹3,50,350
* ट्रक क्रमांक MP 09 GH 7865 आइसर कंपनी का कीमती करीब 20 लाख रुपए ।
मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की विवेचना जारी है।
*पुलिस टीम*
इस कार्रवाई में थाना रामनगर पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें थाना प्रभारी सुमित कौशिक, एएसआई उमेश तिवारी,प्रधान आरक्षक 84 सनत कुमार द्विवेदी , आर अनुराग सिंह, आर अनुराग भार्गव शामिल रहे ।
*अनुपपुर पुलिस की अपील*
शासकीय संपत्ति एवं सार्वजनिक निर्माण सामग्री की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिस थाना को दें।


