कटनी/ बड़वारा तहसील क्षेत्र में लगातार बिगड़ती विद्युत आपूर्ति और बिजली विभाग की उदासीनता के खिलाफ मंगलवार को युवा कांग्रेस का गुस्सा फूट पड़ा। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्मद इसराइल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बड़वारा तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। क्षेत्र में छाए अंधेरे के प्रतीक स्वरूप कार्यकर्ता हाथों में जलती हुई लालटेन लेकर पहुंचे और प्रदेश सरकार व विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन की अगुआई कर रहे जिलाध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बड़वारा क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। ग्रामीणों को 24 घंटे में से कुछ ही घंटे बिजली मिल पा रही है, जिससे खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
3 माह से ट्रांसफार्मर खराब, अंधेरे में विलायत खुर्द
मोहम्मद इसराइल ने विशेष रूप से ग्राम विलायत खुर्द का मुद्दा उठाते हुए कहा, ग्राम विलायत खुर्द में पिछले तीन महीनों से विद्युत ट्रांसफार्मर जला पड़ा है। पूरा गांव बीते 90 दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर है। इस संबंध में युवा कांग्रेस द्वारा पूर्व में कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन बिजली विभाग कुंभकर्णी नींद सो रहा है। अधिकारियों की इस बेरुखी का खामियाजा निर्दोष ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
*मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन*
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक ग्राम विलायत खुर्द में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की जाती और क्षेत्र की अन्य बिजली समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि, बड़वारा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती पर तुरंत लगाम लगाई जाए और जले हुए ट्रांसफार्मरों को समय सीमा के भीतर बदला जाए।
तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन की खबर मिलते ही बड़वारा पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और ज्ञापन लेकर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया। हालांकि, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे और स्पष्ट किया कि खोखले आश्वसनों पर आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। खबर लिखें जाने तक तहसील कार्यालय के सामने प्रदर्शन जारी था और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्यकर्ताओं को मनाने के प्रयास में जुटे हुए है।


