बालाघाट 08 सितंबर 2026। शिक्षा मंत्रालय द्वारा आईआईटी कानपुर के सहयोग से विकसित साथी (SATHEE) पहल और एचसीएल मलाजखंड के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को डी.ए.वी. स्कूल मलाजखंड स्थित साथी केंद्र पर एक दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं जागरूकता सत्र ‘प्रगति (जागरूकता, विकास, आकांक्षा, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार कार्यक्रम) 2026’ का आयोजन किया गया। दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को स्कूल के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों, उभरती प्रौद्योगिकियों, तनाव प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने करियर से जुड़े सवालों के जवाब प्राप्त किए। मुख्य अतिथि के रूप में अनिकेत शांडिल्य (आईएएस, एसडीएम) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री नागेश गोपालकृष्ण शेनाेय (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर) उपस्थित रहे। वहीं श्री हिमांशु शेखर पानिग्रही (चीफ मैनेजर, CSR एवं जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) और श्रीमती प्रिया सचदेव (असिस्टेंट मैनेजर, ऑफिशियल लैंग्वेज) ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा छात्रों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न मॉडलों और नवाचारी परियोजनाओं के अवलोकन के साथ हुआ। इसके बाद डी.ए.वी. स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती सुरुचि कटारिया ने सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत एवं सम्मान किया। सत्र के दौरान अतिथियों ने छात्रों को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि मन में कुछ हासिल करने का दृढ़ संकल्प हो, तो विपरीत परिस्थितियां और संसाधनों की कमी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं।
कार्यक्रम में आधुनिक तकनीकों के रचनात्मक उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को शत्रु के रूप में न देखकर मित्र की तरह अपनाना चाहिए और इसका उपयोग प्रगतिशील एवं उत्पादक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान और अंडरवाटर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों की बढ़ती प्रासंगिकता के बारे में भी छात्रों को जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने कम उम्र में छात्रों द्वारा सामना किए जाने वाले तनाव, माता-पिता की अपेक्षाओं और शैक्षणिक दबाव जैसे विषयों पर भी संवेदनशीलता से चर्चा की। छात्रों को स्वयं पर काम करने, आत्म-जागरूकता बढ़ाने, इच्छाशक्ति मजबूत करने तथा लीक से हटकर सोचने की सलाह दी गई।


