बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। मंगलवार को उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जवाब मांगा है और एजेंसी को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
मामले की अगली सुनवाई अब एक सप्ताह बाद होगी। तब तक गिरिबाला सिंह न्यायिक हिरासत में रहेंगी।
जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की अदालत में हुई सुनवाई
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
गिरिबाला सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत दिए जाने की मांग की। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह द्वारा ऐसा कोई कृत्य किए जाने का पर्याप्त आधार नहीं है, जिससे उन्हें कथित अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि ऐसा कोई प्रत्यक्ष तथ्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि उन्होंने ट्विशा शर्मा को आत्महत्या के लिए उकसाया था।
जांच में सहयोग का दिया भरोसा
गिरिबाला सिंह की ओर से अदालत को यह आश्वासन भी दिया गया कि जमानत मिलने की स्थिति में वह जांच में पूरा सहयोग करेंगी और अदालत द्वारा लगाई जाने वाली सभी शर्तों का पालन करेंगी।
दूसरी ओर CBI ने जमानत याचिका पर विस्तृत जवाब पेश करने और केस डायरी अदालत के सामने रखने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
अगस्त में CBI ने दाखिल की थी 636 पन्नों की चार्जशीट
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में मौत हुई थी। मामले की जांच बाद में CBI को सौंपी गई। एजेंसी ने अगस्त में करीब 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है।
CBI ने चार्जशीट में दोनों पर कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप लगाए हैं, जबकि दहेज से संबंधित पहलुओं की जांच जारी रखे जाने की बात भी सामने आई थी।
पहले भी खारिज हो चुकी है राहत की मांग
इससे पहले भोपाल की अदालत ने जुलाई में गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने उस समय उपलब्ध सामग्री और जांच को प्रभावित किए जाने की आशंका को ध्यान में रखा था।
गिरिबाला सिंह ने इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय से पहले CBI का जवाब और केस डायरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता अनुराग पांडे के अनुसार अगली सुनवाई में CBI के जवाब और जांच से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर जमानत याचिका पर आगे विचार होने की संभावना है।


