राजभाषा हिंदी पखवाड़े का हुआ शुभारंभ तथा विभिन्न स्थानों पर होगा आयोजन सी टाईम्स बालाघाट/इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट के तत्वावधान में १४ सितम्बर को दो चरणों में हुआ, प्रथम चरण प्रातःकाल ८ बजे से ११ बजे तक संग्रहालय में संरक्षित समस्त पुरातात्विक महत्व के अवशेषों का जलाभिषेक किया। द्वितीय चरण दोपहर ३ बजे से ५.३० बजे तक
इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट परिसर में राजभाषा हिंदी पखवाड़े तथा संस्थान के ४३ वर्ष पदार्पण पर संगोष्ठी एवं काव्य गोष्ठी का समारोह पूर्वक भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित तथा गणेश की पाषाण प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी मिश्रीलाल साहू, कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार एवं संग्रहाध्यक्ष डॉ.वीरेंद्र सिंह गहरवार ने की। अन्य विशेष अतिथि में राजेन्द्र कुमार ब्रम्हे,दिनेश नेमा थे। जिन्होंने हिन्दी वर्णमाला चार्ट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए साथ ही हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए अपनी बात रखते हुए, हिंदी को सशक्त बनाने के लिए विचार व्यक्त किए गए विशेष रूप से यह बात सामने आई कि दिल्ली में स्थित इंडिया गेट का नाम बदलकर भारत द्वार एवं मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया का नाम बदलकर के भारत प्रवेश द्वार किए जाने हेतु अपनी बात रखी। उक्त अवसर पर प्रश्न मंच एवं काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, इस अवसर पर डाॅ.कविता गहरवार संस्थानाध्यक्ष, बलिनन्दर चौहान आदि उपस्थित थे। उक्त अवसर हिन्दी प्रेमियों,गणमान्य जनों, युवाओं की संख्यात्मक भारी थी। अंत में स्व.उदेलाल नागेश्वर सहित अन्य विशेष सहयोगियोंश्री की आत्मा की शांति के लिए दो मिनिट का मौन धारण कर श्रृद्धांजली दी गई। इस अवसर पर दूरदराज से आये प्रतिभागियों ने पुरातत्व संग्रहालय परिसर भ्रमण किया।


