कभी-कभी जीवन एक ही क्षण में सब कुछ छीन लेता है, पर कुछ लोग उसी शून्य से नई शुरुआत रचते हैं।
पाटन के युवा उद्यमी संकेत अग्रवाल की कहानी केवल एक आटा ब्रांड खड़ा करने की कहानी नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत, असहनीय दुख, सामाजिक तानों और आत्मविश्वास के बीच स्वयं को दोबारा गढ़ने की यात्रा है।
31 जुलाई 2023 को एक हादसे में संकेत ने अपने पिता, चाचा और दादाजी—परिवार के तीन मजबूत स्तंभों—को एक साथ खो दिया। लोगों ने यहां तक कह दिया कि अब यह परिवार और इसका व्यापार समाप्त हो जाएगा। लेकिन संकेत ने इन शब्दों को अपनी नियति मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने परिवार को संभाला, पिता के व्यापार और प्रतिष्ठा को बचाया तथा वर्षों पुराने एक सपने को ‘रुद्राक्ष चक्की फ्रेश आटा’ के रूप में नई पहचान दी।
इस विशेष बातचीत में संकेत अग्रवाल बताते हैं कि गांव के शुद्ध आटे को शहरों तक पहुंचाने का विचार कैसे जन्मा, एक छोटे शहर से नया व्यवसाय शुरू करने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और ‘रुद्राक्ष’ नाम के पीछे उनके बेटे, परिवार की नई उम्मीद तथा भगवान महादेव से जुड़ी भावनाएं किस प्रकार समाहित हैं।
यह संवाद उस युवा पीढ़ी की कहानी है जो विरासत को केवल संभालती नहीं—उसे अपने संघर्ष, साहस और नए विचारों से आगे भी बढ़ाती है।


