सी टाइम्स बालाघाट
बालाघाट। शहर मोती उद्यान मे नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा नागरिकों के लिये बेहतर वातावरण के साथ ही सुविधाओं को भी विस्तृत किया जा रहा है। इसी कड़ी में 20 सितम्बर को ट्रॉय ट्रेन का शुभारंभ किया गया। नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने यह खुशी बालाघाट शहर के विभिन्न छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले आदिवासी बच्चों के साथ मनाई जहां उन्होंने ट्रॉय ट्रेन में बच्चों के साथ बैठकर उनके बीच खुशियां बांटी। इधर नगरवासियों में भी इस छुकछुक चलने वाली ट्रॉय ट्रेन का आकर्षण के साथ भरपूर उत्साह देखने को मिला।नपाध्यक्ष ने बताया कि आदिवासी वर्ग के बच्चे जो बालाघाट के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते है उनके लिये यह ट्रॉय निर्धारित दिनों में नि:शुल्क रहेगी।
बालाघाट शहर के मोती उद्यान एवं तालाब परिसर में सैरसपाटे के लिये नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा व्यापक कार्ययोजना के तहत काम किया गया है। उद्यान में विभिन्न प्रजाति के आकर्षक पौधों के साथ ही बच्चों के झूले, ओपन जिम की नवीनतम सामग्री एवं स्वस्थ्य मनोरंजन का माहौल निर्मित हुआ है। अब तक अभिभावकों के पास बच्चों को घुमाने के लिए सीमित विकल्प थे। किंतु 20 सितम्बर को आकर्षक रूप से सजाकर ट्रॉय ट्रेन का विधिवत शुभारंभ किया गया है। वन संपदा एवं बाघ की बहुतायत के लिये बालाघाट की पहचान है इसे इंगित करते हुए ट्रॉय ट्रेन को टाइगर सिटी बालाघाट बालाघाट स्टेशन नाम दिया गया है, जबकि यह ट्रेन सतपुड़ा एक्सप्रेस के तौर पर उद्यान की हरियाली के बीच छुकछुक करती हुई दौड़कर नैरोगेज ट्रेन की याद दिला रही है।
पहली बार देखी आदिवासी बच्चों ने ट्रेन
ट्रॉय ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने इस खुशी को आदिवासी बच्चों के साथ आनंदपूर्वक साझा किया। बालाघाट शहर के अंग्रेजी माध्यम छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चों को सुविधापूर्वक उनके शिक्षकों के साथ मोती उद्यान में लाया गया था, जहां बच्चों को नपाध्यक्ष ने ट्रॉफी एवं बिस्कीट भी खिलाई गई। उद्यान में इन बच्चों को भरपूर मनोरंजन कराया गया। नपाध्यक्ष ने बताया कि माह के दो दिन इन बच्चों को उद्यान में सैरसपाटे के लिये विशेष प्रयोजन होगा, जबकि ट्रॉय ट्रेन की सवारी इन बच्चों को नि:शुल्क कराई जायेगी। छात्रावास के शिक्षकों ने बताया कि जिले के दूरस्थ आदिवासी अंचल में रहने वाले यह बच्चे अंग्रेजी माध्यम छात्रावास में रहकर स्कूली पढ़ाई करते है, 100 में से 7 आदिवासी बच्चे ऐसे थे जिन्होंने पहली बार कोई ट्रेन देखी है, ट्रॉय ट्रेन की सवारी कर सभी बच्चों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने भरपूर आनंद उठाया।
उद्यान में स्वास्थ्य और मनोरंजनात्मक गतिविधियों का विस्तार
नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि आजकल बच्चे मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स में व्यस्त रहते हैं, उनके स्क्रीन टाइम से दूरी और मानसिक स्वास्थ्य के लिये मोती उद्यान में हरी-भरी वादियों के बीच तथा तालाब के किनारे टॉय ट्रेन की सवारी उन्हें डिजिटल दुनिया से बाहर निकालकर शारीरिक रूप से सक्रिय और मानसिक रूप से तरोताजा करेगी। साथ ही उद्यान में अन्य मनोरंजनात्मक गतिविधियों के लिये भी व्यापक कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है। बता दें कि ट्रॉय ट्रेन के लिये हुबहू स्टेशन की तरह ही प्लेटफार्म बनाया गया है, ट्रेन को सतपुड़ा एक्सप्रेस का नाम दिया गया है जबकि स्टेशन का नाम टायगर सिटी मिशन स्टेशन रखा गया है जो बच्चों और अभिभावकों को खासा आकर्षित करता नजर आया तथा जब ट्रॉय ट्रेन हार्न देती हुई चलती तो प्रसन्नचित नजर आये।
इनकी रही उपस्थिति
ट्रॉय ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नपाध्यक्ष रमेश रंगलानी, वैभव कश्यप, ओबीसी कल्याण आयोग सदस्य मौसम दीदी, उपाध्यक्ष योगेश बिसेन, सभापति समीर जायसवाल, वकील वाधवा, कमलेश पांचे, उज्जवल आमाडारे, संगीता खगेश कावरे, योगिता विनय बोपचे, पार्षद मानक बर्वे, मनीष नेमा, गजेन्द्र भारद्वाज, विशाल मंगलानी सहित अन्य पार्षदगण के अलावा यज्ञेश लालू चावड़ा, जैनेन्द्र कटरे, संजु वराड़े एवं गणमान्य नागरिकों के साथ ही बड़ी संख्या में बच्चे एवं अभिभावकों की उपस्थिति रही।


