सी टाइम्स न्यूज बालाघाट
विगत दिवस पुलिस थाना किरनापुर के पुलिस अधिकारी कर्मचारी के द्वारा एक बैंक में चोरी के आरोप में गर्भवती निर्दोष महिला के साथ उसके पति को थाने में लेकर बेरहमी से अमानवीय मारपीट की गयी जिसकी शिकायत महिला के देवरबोर सामाजिक बंधुओं के साथ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी की गई उचित कार्यवाहीबकरने हेतु ।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और महिला अधिकारी के द्वारा विशेष जांच दल बैठाया गया । मरारमाली समाज के द्धारा सयुक्त रूप से विरोध स्वरूप पुलिस वालो के खिलाफ एफआईआर करने ,महिला को न्याय दिलाने के लिए एक विशाल रैली का आयोजन किया गया । इस शांति रैली में कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा रेली के स्वरूप को बदला गया और थाने में घुसकर पथराव की स्थति निर्मित की गई जिसमे आदोलनकारी को खदेड़ने दोनों पक्ष के बीच झड़प होने से दोनो पक्षों से लोग घायल हो गये ।
उपद्रवियों के इस कदाचरण पूर्वक कार्यों से किरनापुर थाने के द्वारा २७ वा अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण बनाकर न्यायालय में पेश किया गया जिससे माननीय न्यायालय द्वारा कुछ को जेल भेजा गया और कुछ को पुलिस रिमांड पर भेजा गया । ऐसा प्रतीक होता है जैसे किरनापुर थाने के द्वारा अपनी ईमानदार कार्यवाही के नाम पर या अपनी वाहवाही लूटने के नाम से निर्दोष लोगों पर कार्यवाही कर रही है।
इस कार्यवाही से 12 या कॉलेज पढ़ने वाले छात्र, कई व्यापारी सामाजिक व्यक्ति सहित पूर्व सांसद कंकर मुंजारे व मरार माली समाज के अध्यक्ष सहित समाज के अन्य नेता पदाधिकारी, जिला पंचायत सदस्य अन्य नेताओं के नाम और जोड़कर प्रकरण तैयार किए गए हैं । जिससे बालाघाट जिले की सामाजिक धार्मिक वातावरण की शांत फिजा कही न कही इससे बिगडने का कार्य पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से संभवतः होने की संभावना बन रही है जिसकी आगे चलकर जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर ही आगे आएगी ।


