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September 26, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जलभराव और पेयजल संकट से जूझ रहा कन्या माध्यमिक विद्यालय बस्ती


*बारिश में परिसर में भरता है पानी, खराब हैंडपंप से छात्राओं और एमडीएम व्यवस्था की परेशानी बढ़ी*
*कई वर्षों से नाली निर्माण की मांग, विद्यालय प्रबंधन ने नगर पालिका से स्थायी समाधान की मांग की*
अनूपपुर। शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर बस्ती में जलभराव और पेयजल की समस्या विद्यार्थियों के साथ विद्यालय प्रबंधन के लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश के दौरान विद्यालय परिसर में पानी भरने से आवागमन और अध्ययन-अध्यापन प्रभावित होने की स्थिति बनती है। वहीं विद्यालय का हैंडपंप खराब होने के कारण विद्यार्थियों को पेयजल के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
*नाली निर्माण की मांग वर्षों से लंबित*
विद्यालय परिसर से बारिश के पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है।
प्रधानाध्यापक अजय कुमार प्रसाद के अनुसार इस संबंध में नगर पालिका परिषद अनूपपुर के सीएमओ को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के समय परिसर में पानी जमा हो जाता है।
इससे छात्राओं के विद्यालय आने-जाने के साथ ही कक्षाओं के संचालन में भी परेशानी की स्थिति निर्मित होती है।
*खराब हैंडपंप से पेयजल संकट*
विद्यालय में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। प्रधानाध्यापक के अनुसार खराब हैंडपंप को दुरुस्त कराने तथा विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में नगर पालिका से कई बार आग्रह किया गया है। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को बाहर से पानी लाने की स्थिति बन रही है।
*एमडीएम व्यवस्था पर भी असर*
पेयजल की समस्या का असर मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार एमडीएम तैयार करने वाली महिलाओं को भी पानी के लिए विद्यालय परिसर से बाहर स्थित हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे भोजन तैयार करने की व्यवस्था में अतिरिक्त परेशानी होती है।

*स्थायी समाधान की मांग*
विद्यालय प्रबंधन ने नगर पालिका परिषद से मांग की है कि विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए आवश्यक नाली निर्माण कराया जाए तथा खराब हैंडपंप को शीघ्र दुरुस्त कर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से ही छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुचारु अध्ययन-अध्यापन तथा मध्याह्न भोजन व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।।                       *शिक्षा उपकर के उपयोग पर भी उठे सवाल*
नगर पालिका परिषद द्वारा शिक्षा के लिए दो प्रतिशत शिक्षा उपकर लगाए जाने के बावजूद विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं पर इसके प्रभावी उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यदि शिक्षा उपकर से प्राप्त राशि का उपयोग विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं के विकास और रखरखाव में किया जाए तो जलभराव, पेयजल, नाली निर्माण जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा सकता है। ऐसे में नगर पालिका को चाहिए कि शिक्षा उपकर से प्राप्त राशि का नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से शिक्षा से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं पर उपयोग सुनिश्चित करे, ताकि विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।

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