शहडोल 26 सितम्बर 2026- जिले के निवासी श्री केदारनाथ साहू पारंपरिक रूप से लकड़ी की कलाकारी का कार्य करते हैं। अपनी कला के माध्यम से वे पहले लगभग 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित करते थे। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण एवं योजना से प्राप्त लाभ ने उनकी कला को नया मंच प्रदान किया और उनकी आय में भी वृद्धि हुई।
श्री केदारनाथ साहू बताते हैं कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें अपनी कला को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने का अवसर मिला। योजना के माध्यम से मिले सहयोग और प्रशिक्षण से उनके कार्य में निखार आया तथा वे अब लगभग 25 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक की आय अर्जित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उन्हें ऐसा बेहतर मंच मिला, जिससे उनकी कला को व्यापक पहचान मिली।
श्री साहू का कहना है कि पीएम विश्वकर्मा योजना ने उनके जैसे पारंपरिक कारीगरों को अपनी कला एवं हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर दिया है। प्रशिक्षण से उन्हें अपने काम को बेहतर बनाने और अपनी कला को नए बाजार एवं मंच तक पहुंचाने में सहायता मिली।
उन्होंने अन्य कारीगरों एवं पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों से भी पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़कर इसका लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़कर अपने हुनर को नई पहचान दिला सकते हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
योजना से मिले अवसर और अपनी कला को मिली नई पहचान से उत्साहित श्री केदारनाथ साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।


