नई दिल्ली/भोपाल। पूर्व अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उनके पिता नवनिधि शर्मा ने निष्पक्ष सुनवाई की आशंका जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ भोपाल में चल रहा मुकदमा दिल्ली की सक्षम अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की है। स्थानांतरण याचिका पर निर्णय होने तक भोपाल की सुनवाई रोकने के लिए अलग आवेदन भी दाखिल किया गया है।
परिवार के अधिवक्ता अंकुर पांडे ने आईएएनएस को बताया कि याचिका 16 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। मामला भोपाल के दसवें जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में आरोप तय करने पर बहस के चरण में है। ट्विशा की मौत 12 मई 2026 को विवाह के करीब पांच महीने बाद उनके ससुराल में हुई थी।
याचिका में शुरुआती जांच और जमानत संबंधी कार्यवाही पर सवाल उठाए गए हैं। पिता ने गिरिबाला सिंह के भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुके होने का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता जताई है। ट्विशा की मौत के समय वह भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष भी थीं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि गिरिबाला की जमानत से जुड़ा मामला पांच दिनों में पांच अदालतों के सामने गया और तीन न्यायाधीशों ने अलग-अलग कारणों से फाइल लौटाई या सुनवाई से स्वयं को अलग किया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में मुकदमा सुन रही अदालत ने पहले गिरिबाला को अग्रिम जमानत दी थी, जिसे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 मई को निरस्त कर दिया था।
परिवाद में घटनास्थल की छत सील करने, पहले पोस्टमार्टम में फंदे से जुड़ी सामग्री के रखरखाव और गिरिबाला द्वारा कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज जुटाने पर भी आपत्ति है। परिवार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के 25 मई को स्वतः संज्ञान लेने के बाद सीबीआई ने जांच संभाली। एजेंसी ने 14 अगस्त को दोनों आरोपियों के खिलाफ क्रूरता, आत्महत्या के लिए उकसाने और साझा आशय से संबंधित आरोपपत्र दाखिल किया। दहेज से जुड़ा पहलू अभी जांच में है।
दिल्ली में सुनवाई की मांग के समर्थन में एम्स के मेडिकल बोर्ड द्वारा दूसरा पोस्टमार्टम, सीएफएसएल दिल्ली की फॉरेंसिक रिपोर्ट और जांच अधिकारी तथा कई गवाहों के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होने का उल्लेख किया गया है। मुकदमा स्थानांतरित करने और कार्यवाही रोकने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अभी बाकी है।


