एनएबीएच मान्यता संबंधी शर्तें पूरी नहीं करने पर 60 अस्पतालों पर कार्रवाई; पांच अस्पतालों में छह महीने से किसी लाभार्थी का उपचार नहीं हुआ था
भोपाल/इंदौर। आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए अस्पताल की वर्तमान संबद्धता जांचना महत्वपूर्ण हो गया है। मध्य प्रदेश में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर 65 अस्पतालों को योजना से बाहर किया गया है। इन अस्पतालों में अब योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ उपलब्ध नहीं रहेगा। कार्रवाई में इंदौर के साथ भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य जिलों के अस्पताल शामिल हैं।
प्रकाशित जानकारी के अनुसार, दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की राज्य इम्पैनलमेंट कमेटी ने आठ अक्टूबर को यह निर्णय लिया। कार्रवाई दो श्रेणियों में की गई है। इनमें 60 अस्पताल राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा निर्धारित एनएबीएच मान्यता संबंधी अनिवार्य शर्तों का अनुपालन नहीं कर पाए। अन्य पांच अस्पतालों को पिछले छह महीनों में आयुष्मान योजना के किसी लाभार्थी को उपचार नहीं देने के आधार पर असंबद्ध किया गया।
एक प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के 17 से अधिक अस्पताल प्रभावित हुए हैं। इन संस्थानों में योजना के भरोसे भर्ती होने की तैयारी कर रहे मरीजों को अब दूसरे संबद्ध अस्पतालों का विकल्प तलाशना पड़ सकता है। विशेष उपचार के लिए किसी अस्पताल पर निर्भर परिवारों को अपनी व्यवस्था बदलनी पड़ सकती है।
लाभार्थियों को भर्ती की योजना बनाने से पहले यह पुष्टि करनी चाहिए कि संबंधित अस्पताल आयुष्मान योजना की वर्तमान सूची में शामिल है और आवश्यक उपचार वहां योजना के अंतर्गत उपलब्ध है। कैशलेस इलाज दूसरे सूचीबद्ध अस्पतालों में स्वीकृत उपचार पैकेज और योजना के नियमों के अनुसार मिलेगा। अस्पताल की पुरानी संबद्धता की जानकारी के आधार पर निर्णय लेने से मरीजों को असुविधा हो सकती है।


