सी टाईम्स न्यूज बालाघाट
2026। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन बालाघाट द्वारा जिले में लगातार जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार बालाघाट स्थित नेस्ले एजेंसी आशीष मार्केटिंग की जांच कर मैगी नूडल्स के अलग-अलग दो बैच के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है।
पतंजलि घी के बैच की तलाश में दुकानों की जांच
खाद्य सुरक्षा प्रशासन को छिंदवाड़ा जिले से लिए गए पतंजलि घी के नमूने की जांच रिपोर्ट असुरक्षित प्राप्त होने के बाद वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार बालाघाट जिले में संबंधित बैच की उपलब्धता की जांच की गई। संबंधित घी का बैच नंबर FAWB 260017 तथा निर्माण तिथि अप्रैल 2026 बताई गई है। इस बैच के घी की उपलब्धता का पता लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने ऋषि कॉम्प्लेक्स परिसर स्थित महादेव इंटरप्राइजेज, महावीर चौक स्थित बाफना ट्रेडर्स, लालबर्रा स्थित वसंत कुमार अशोक कुमार फर्म तथा बैहर स्थित साई ट्रेडर्स के स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की।
जांच के दौरान दुकानों में उपलब्ध पतंजलि घी का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन मौके पर संबंधित बैच नंबर का घी नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा प्रशासन मध्य प्रदेश द्वारा इस बैच के घी को रिकॉल किया गया है, ताकि बाजार में इसकी बिक्री रोकी जा सके और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अमानक घी पर न्यायालयीन कार्रवाई शुरू
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा पूर्व में घी की गुणवत्ता को लेकर की गई कार्रवाई के दौरान बालाघाट की वाधवानी एजेंसीज से वास्तु घी का नमूना लिया गया था। जांच में नमूना अमानक पाए जाने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालयीन कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस मामले में अधिनियम की धारा 46(4) के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से निरीक्षण, नमूना संग्रहण और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मैगी नूडल्स के नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा बाजार में अमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।


