परिजनों ने अग्निशमन यंत्र नहीं होने का लगाया आरोप
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के अहिंसा चौक स्थित शैल्बी अस्पताल में रविवार तड़के करीब 4:30 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 315 में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कमरे से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, 84 वर्षीय जोगिंदर सिंह नारंग अस्पताल में भर्ती थे। तड़के अचानक कमरे में आग लगने पर मरीज के परिजनों की नींद खुल गई। स्थिति को देखते हुए परिजनों ने तत्काल अपने मरीज को कमरे से बाहर निकाला।
मरीज के परिजनों ने अस्पताल की अग्निशमन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आग से निपटने के लिए कमरे में अग्निशमन यंत्र तक मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि यदि आग लगने के दौरान समय रहते मरीज को बाहर नहीं निकाला जाता, तो उनकी जान जा सकती थी। हालांकि, अस्पताल में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और घटना के दौरान उनकी स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी मार्ग और सुरक्षा इंतजाम बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों और अस्पताल में अग्निसुरक्षा संबंधी इंतजामों की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।


