आकर्षक दुर्गा पंडालों और रंग-बिरंगी रोशनी ने मोहा मन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा नगर
राजनगर। राजनगर में विजयादशमी का पर्व बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। कई दिनों तक चले शारदीय नवरात्रि महोत्सव के समापन पर पूरे नगर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। जगह-जगह सजे आकर्षक दुर्गा पूजा पंडालों, विद्युत साज-सज्जा और रंग-बिरंगी रोशनी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नगर में जय श्रीराम और जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे।
नगर परिषद बनगवां (राजनगर) क्षेत्र में इस वर्ष दुर्गा पूजा एवं दशहरा महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों द्वारा आकर्षक पंडालों का निर्माण कर मां दुर्गा की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। शांतिनगर दुर्गा पूजा पंडाल, न्यू राजनगर दुर्गा पूजा पंडाल, गोपाल पंडाल, बाबू लाइन बंगाली दुर्गा पूजा पंडाल, दुर्गा मंदिर बाजार दफाई तथा राजनगर बस स्टैंड सहित विभिन्न स्थानों पर भव्य आयोजन किए गए। सभी पंडालों में आकर्षक झांकियां, रंग-बिरंगी लाइटिंग और साज-सज्जा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
पूरे नवरात्रि के दौरान पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
बंगाली समाज की महिलाओं ने खेला सिंदूर, मां दुर्गा को दी विदाई
नगर परिषद बनगवां के वार्ड क्रमांक 5 स्थित बंगाली दुर्गा पूजा पंडाल में बंगाली समाज द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दुर्गा पूजा महोत्सव मनाया गया। महोत्सव के अंतिम चरण में बुधवार को महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाते हुए मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी।
इस अवसर पर बंगाली समाज की महिलाएं लाल पारंपरिक परिधानों में सज-संवरकर पूजा पंडाल पहुंचीं। महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया और एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अखंड सौभाग्य एवं सुख-समृद्धि की कामना की। पारंपरिक अंदाज में नृत्य और उत्सव के बीच पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
महिलाओं ने मां दुर्गा के गालों पर पान के पत्तों से स्पर्श कर उनके माथे और मांग में सिंदूर अर्पित किया। इस दौरान परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की गई। सिंदूर खेला की रस्म के साथ ही मां दुर्गा की विदाई का भावुक दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने अगले वर्ष मां दुर्गा के पुनः आगमन की प्रार्थना करते हुए नम आंखों से माता को विदाई दी।
तीन स्थानों पर हुआ रावण दहन
विजयादशमी के अवसर पर नगर क्षेत्र में तीन स्थानों पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से गोपाल पंडाल राजनगर, राजनगर बस स्टैंड तथा शांतिनगर पंडाल की समितियों द्वारा रावण दहन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
आस्था, परंपरा और उत्साह का संगम बना दुर्गा पूजा महोत्सव
राजनगर में आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। विशेष रूप से बंगाली समाज की महिलाओं द्वारा निभाई गई सिंदूर खेला की परंपरा ने पूजा पंडाल के माहौल को भावनात्मक और यादगार बना दिया। श्रद्धा, उल्लास और मां दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए यादगार रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना करते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


