केस डायरी देखकर पुलिस की कार्रवाई पर जताई नाराजगी, शेष आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
जबलपुर। सोशल मीडिया पर हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी और विरोध करने पर जगतगुरु शंकराचार्य एवं देवाचार्य स्वामी राघवदेवाचार्य को ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी देने के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक को 45 दिन के भीतर उचित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता राघवदेवाचार्य की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने अदालत को बताया कि 11 अप्रैल 2025 को सोशल मीडिया पर हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित की गई थी। इसका विरोध करने और ज्ञापन सौंपने के बाद कुछ लोगों ने संत को जान से मारने की धमकी दी। उनके खिलाफ व्हाट्सएप और फेसबुक पर भी अपमानजनक पोस्ट प्रसारित की गईं।
इस मामले में मदन महल थाने में करीब 20 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और अब तक आरोप पत्र भी पेश नहीं किया गया।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केस डायरी का अवलोकन किया और पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। अदालत ने एसपी को 45 दिन में उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


