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June 21, 2026
सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीयहेल्थ एंड साइंस

चीन में कोरोना से लड़ाई में 6 लाख चिकित्सकों ने दिया योगदान

बीजिंग, 8 जून | कोविड-19 महामारी की रोकथाम में चीनी चिकित्सकों ने साहस के साथ वायरस के साथ लड़ाई की और पूरी कोशिश से मरीजों का इलाज किया। उन्होंने अकल्पनीय शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दबाव का सामना किया। 84 वर्षीय चिकित्सा विशेषज्ञ से 20 वर्षीय युवा चिकित्सक तक महामारी के सामने पीछे की ओर मुड़े बिना अपना कर्तव्य पूरा करने के लिए आगे बढ़े। करीब 6 लाख चिकित्सकों ने महामारी के खिलाफ लड़ाई के सबसे आगे वाले मोर्चे पर काम किया।

चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उच्च स्तरीय विशेषज्ञ दल के नेता, राष्ट्रीय श्वसन रोग नैदानिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र के प्रमुख 84 वर्षीय चोंग नानशान महामारी की रोकथाम में आगे बढ़े। उन्होंने वायरस पर अध्ययन किया, मरीजों का इलाज किया और ऑनलाइन पर अन्य चिकित्सकों के साथ विचार-विमर्श किया।

चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के चिकित्सा दल के सदस्य, और नानचिंग शहर के तोंगनान विश्वविद्लाय के अधीनस्थ चोंगता अस्पताल के उप प्रमुख 54 वर्षीय छ्यू हाईपो चीन में पहले ऐसे शख्स हैं, जो इन्टेन्सिव केयर मेडिसन में पीएचडी की हैं। वे 19 जनवरी को वुहान में महामारी की रोकथाम में संलग्न रहने के 139 दिन बाद 5 जून को घर वापस लौटे। छ्यू हाईपो उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में देखा गया है कि एक महीने बाद उनके बाल काफी सफेद हो गए हैं। उन्होंने बताया कि फोटो खींचते समय ज्यादा रोशनी थी, जिसके चलते देखने में बाल सफेद लग रहे हैं। लेकिन हम चित्र में देख सकते हैं कि वे सचमुच दुबले हो गए हैं। इसे देखकर तमाम लोगों का मन दु:खी हुआ। छ्यू हाईपो कहा कि हालांकि महामारी की रोकथाम कठिन है, लेकिन हमने अंतत: विजय पाई।

( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )

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