वाराणसी। बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की टीम बीते करीब पांच वर्षों में माइग्रेन के 117 और मांसपेशियों के गलने संबंधी मोटर न्यूरॉन डिजीज के 50 रोगियों पर योग आसनों का परीक्षण कर रही है। इसके सकारात्मक परिणाम से शोधकर्ता उत्साहित हैं।
न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. आनंद कुमार के नेतृत्व में चल रहे शोध के लिए योग के 20 चुनिंदा आसन-प्राणायाम के मिश्रण से एक घंटे का स्पेशल प्रोटोकॉल शिड्यूल किया गया। इसे तीन चरणों में अप्लाई किया जाता है। पहले चरण में पांच-पांच मिनट के अंतराल पर स्ट्रेचिंग, ब्रीथिंग और रिलैक्शेसन संबंधी आसन कराए जाते हैं। दूसरे चरण में पश्चिमोत्तासन, अधोआसन, सेतुबंध, व्रजासन सहित पांच आसनों का अभ्यास कराते हैं। तीसरे चरण में कपालभांति, अनुलोम-विलोम, नाड़ी शुद्धि, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास रोगियों को कराया जाता है। अध्ययन में पाया गया कि माइग्रेन और मोटर न्यूरॉन डिजीज पर यह प्रोटोकॉल 80 फीसदी तक प्रभावी है। इसे शत प्रतिशत प्रभावी बनाने के की दिशा में शोध जारी है। इस शोध में डॉ. आनंद कुमार का साथ देने वाले अन्य सदस्यों में प्रो. अभिषेक पाठक, प्रो. वीएन मिश्रा और प्रो. वरुण कुमार सिंह भी हैं।
न्यूरो संबंधी कई और भी बीमारियां हैं जिनपर योग आसनों का अत्यंत सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। हम समय के साथ अपने शोध का दायरा भी बढ़ाते जा रहे हैं। नस संबंधी बीमारियों के उपचार में योगासनों के प्रभाव से ऐसे रोगों का उपचार संभव होने की उम्मीद जगी है।
साभार


