August 28, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

देश की रक्षा करते हुए शहीद होने से बड़ा कोई बलिदान नहीं: योगी आदित्यनाथ

शहीद स्मृति वाटिका में मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया
लखनऊ 26 Jully (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पूरा देश कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारत माता के उन सभी महान सपूतों के प्रति नमन करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है, जिन्होंने देश की आजादी को अक्षुण्ण रखने तथा भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
मुख्यमंत्री जी मंगलवार को कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध स्वतंत्र भारत का एक ऐसा युद्ध है, जो पाकिस्तान ने भारत पर जबरन थोपा था। यह युद्ध मई, 1999 में प्रारम्भ हुआ था और 26 जुलाई, 1999 को आज ही के दिन कारगिल युद्ध में भारत की विजय की घोषणा भी हुई थी। इस विजय के साथ ही, पूरी दुनिया में पाकिस्तान बेनकाब हुआ था। साथ ही, भारत के बहादुर जवानों के शौर्य, पराक्रम को पूरी दुनिया ने देखा था। इस युद्ध में अनेक वीर सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। लखनऊ के कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, कैप्टन आदित्य मिश्र, लांसनायक केवलानन्द द्विवेदी, राइफलमैन सुनील जंग तथा मेजर रितेश शर्मा का नाम पूरा देश बड़े गर्व व सम्मान के साथ लेता है।
मुख्यमंत्री जी कहा कि कैप्टन मनोज कुमार पांडेय को युद्ध के उपरान्त उनकी अति असाधारण वीरता, अदम्य साहस, उत्कृष्ट नेतृत्व तथा कर्तव्यनिष्ठा के लिए भारतीय सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र प्रदान किया गया था। प्रदेश सरकार ने लखनऊ में सन् 1960 में स्थापित देश के पहले सैनिक स्कूल का नामकरण कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय के नाम पर किया। इसके साथ ही, सूबेदार मेजर पद को सुशोभित करने वाले तत्कालीन लांस नायक योगेन्द्र यादव को भी परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए देश व प्रदेश के सभी बहादुर जवानों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा करते हुए शहीद होने से बड़ा बलिदान कोई और नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन बलिदानियों का राष्ट्र के प्रति प्रेम, मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने की भावना, उनका साहस तथा वीरता के बारे में सोचकर ही प्रत्येक भारतवासी रोमांचित हो उठता है। पूरा राष्ट्र उनके प्रति ऋणी है। मुख्यमंत्री ने भारत माता के अमर सपूतों के परिजनों को आश्वस्त किया कि केन्द्र व राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कारगिल विजय दिवस का आयोजन ऐसे अवसर पर हो रहा है, जब यह देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। 15 अगस्त, 2022 को देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण हो रहे है। हम सौभाग्यशाली हैं कि देश की आजादी के इस अमृत महोत्सव आयोजन के साथ हमें जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कार्यक्रम पूरे देश के लिए उपलब्ध कराया है। यह केवल एक महोत्सव तक सीमित न रहे, बल्कि एक संकल्प दिवस भी बन जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आगामी 25 वर्षों की एक वृहद कार्ययोजना को लेकर हमें कार्य करना होगा कि हमें अपने देश को कहां लेकर जाना है, हम कैसा भारत चाहते हैं, आने वाली पीढ़ी को कैसा भारत चाहिए। ऐसे भारत के निर्माण के लिए 135 करोड़ भारतवासी एक साथ मिलकर कार्य करेंगे, तो उसके परिणाम हम सबके सामने आयेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री आशुतोष टंडन सहित जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं सूचना नवनीत सहगल एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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