जबलपुर में कोरोना काल में संक्रमित व्यक्ति के लिए ‘जीवन रक्षक दवा’ के रूप में इस्तेमाल में हुए रेमडेसीविर इंजेक्शन में फर्जीवाड़ा करने वाले सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा, मैनेजर सोनिया खत्री, डॉक्टर प्रदीप पटेल एवं अभिषेक चक्रवर्ती पर न्यायालय के आदेश पर ओमती थाना में विभिन्न धाराओं समेत आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी, अधिनियम एवं ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गौरतबल है कि सिटी अस्पताल में कोरोना काल के दौरान भर्ती हुए पेशेंट घमापुर निवासी विजय कुमार श्रीवास की 3 मई 2021 को मृत्यु हो गई। मृतक विजय कुमार श्रीवास के पुत्र एडवोकेट महेंद्र श्रीवास ने सिटी अस्पताल प्रबंधन और डाक्टर पर लापरवाही सहित नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों पर अपराध पंजीबद्ध करने न्यायालय की शरण ली थी। आवेदक महेंद्र श्रीवास ने संबंधित आरोपियों पर 302 का मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई थी।
ओमती पुलिस ने बताया कि न्यायालय तन्मय सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट से मिले मेमो के आधार पर आवेदक महेंद्र श्रीवास की शिकायत पर सरबजीत सिंह मोखा, मैनेजर सोनिया खत्री, डॉक्टर प्रदीप पटेल एवं अभिषेक चक्रवर्ती के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित महेंद्र श्रीवास ने पुलिस को बताया कि 23 मार्च 2021 को उसने अपने पिता विजय कुमार श्रीवास को सिटी अस्पताल में ‘सीजीएचएस’ सुविधा के तहत एडमिट कराया था। अस्पताल ने विजय कुमार का सिटी स्केन कराया, सिटी स्केन के बाद डॉक्टर प्रदीप पटेल ने बताया कि आपके पिता कोरोना पॉजीटिव हैं। जहां इलाज के दौरान उनके पिता की मौत हो गई जिसके बाद एक परिवाद उनके द्वारा न्यायालय में लगाया गया था जिस पर न्यायाधीश के आदेश पर सिटी अस्पताल के संचालक समेत अन्य तीन पर गैर इरादतन हत्या एवं अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।


