भोपाल,29 सितम्बर (आरएनएस)। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मध्यप्रदेश के छह जिलों के कलेक्टरों से उनके यहां पदस्थ आबकारी अधिकारियों के दस्तावेज मंगाए हैं। गौरतलब है कि कलेक्टर के अधीनस्थ आने वाले अधिकारी जिनमें आबकारी अधिकारी भी शामिल हैं। वह सब उन जिलों के कलेक्टरों की मेहरबानी से ही अपना कारोबार करते हैं।
इन जिलों के मंगवाए कागजात
कोर्ट ने प्रदेश के बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारियों का रिकार्ड तलब कर जांच कराने के आदेश जारी किए हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेटलावद में झाबुआ जिले के कलेक्टर को हटा दिया और वहां नये कलेक्टर की पदस्थापना के आदेश दिये।
इसलिए हुई कार्रवाई
मध्यप्रदेश में इंदौर सहित इन छह जिलों में शराब का अवैध कारोबार जमकर फल-फूल रहा है। प्रदेश के सबसे गरीब जिले में शुमार अलीराजपुर जिले से प्रतिदिन पौने दो करोड़ की अवैध शराब गुजरात जाने की खबरें सुर्खियों में हैं। मुख्यमंत्री शिवराज ने झाबुआ कलेक्टर को तो हटा दिया लेकिन अलीराजपुर जिला जो कि गुजरात की सीमा से सटा हुआ है, वहां से अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चलता है। अलीराजपुर जिले में अवैध रेत का कारोबार भी धड़ल्ले से फल-फूल रहा है, मजे की बात यह है कि अलीराजपुर कलेक्टर जिस मार्ग से अपने कार्यालय जाते हैं उसी मार्ग से अवैध रेत से भरे दर्जनों ट्रक वहां से गुजरते हैं।
सीएम को सौंपी गई थी खुफिया रिपोर्ट
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वल्लभ भवन में बैठे आईएएस अधिकारियों को सूखा पर्यटन के नाम पर प्रदेशभर के जिलों की स्थिति का जायजा लेने भेजा था। उसके बाद इन आईएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जो रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया था कि प्रदेशभर के जिलों में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को नहीं है, जिसकी वजह से हितग्राही सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। रिपोर्ट में आईएएस अधिकारियों ने इस बात का भी खुलासा किया था कि प्रदेश में बिना लेन-देन के कोई हितग्राही को लाभ नहीं होता।


