सिवनी- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिले में प्रत्येक माह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले विशेष शिविरों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। माननीय जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीणा के निर्देशानुसार जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने बताया कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराते हुए उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की शीघ्र पहचान करना है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में विशेष पीएमएसएमए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, नवीन एवं छूटी हुई गर्भवतियों का पंजीयन, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान, रक्तचाप, वजन, बीएमआई, चिकित्सकीय एवं प्रसूति इतिहास का परीक्षण तथा आवश्यक प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अभियान के तहत हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्बुमिन एवं शुगर, एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, सिफलिस, मलेरिया, सिकल सेल स्क्रीनिंग, ब्लड ग्रुपिंग एवं ओजीटीटी जैसी महत्वपूर्ण जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। आवश्यकता अनुसार सोनोग्राफी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीणा के निर्देशानुसार निजी क्षेत्र की संस्था एवं रेडियोलॉजिस्ट के सहयोग से जिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 25 जुलाई 2026 को जिला चिकित्सालय में निजी रेडियोलॉजिस्ट द्वारा 24 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की गई।
सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं सुमन हेल्पडेस्क की सक्रिय भागीदारी से उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध है।
जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीणा एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों, बीपीएम, एएनएम एवं संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि अनमोल 2.0 में चिन्हित सभी हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की प्रसव तिथि से कम से कम 15 दिन पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उन्हें ऐसे स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती कराया जाए, जहां ब्लड ट्रांसफ्यूजन, सिजेरियन ऑपरेशन एवं सुरक्षित प्रसव की समुचित सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि प्रसूता एवं नवजात दोनों का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीणा ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत आयोजित शिविरों में पहुंचकर निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार सेवाओं का लाभ अवश्य लें।


