21 जून को विश्व योग दिवस पर जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में मंच पर दलित महिला राज्य सभा सांसद को स्थान ने मिलने पर दलित सांसद ने जिला प्रशासन पर नाराजगी जाहिर की है। विश्व योग दिवस के कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित प्रदेश और केंद्र के तमाम मंत्री शामिल हुए थे। दलित राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीक ने जिला प्रशासन पर नाराजगी दिखाते हुए कहा कि विश्व योग दिवस पर राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित किया गया जिसमें भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, मध्यप्रदेश के राज्य्पाल मंगू भाई पटेल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित केंद्र और प्रदेश के कई मंत्री शामिल थे , मंच पर जब मैं गयी तो वंहा पर मेरी कुर्सी पीछे लगाई जो की प्रोटोकॉल के हिसाब से गलत थी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब देखा की मैं पीछे बैठी हूँ उन्होंने मुझे आगे आने के लिए कहा। सुमित्रा बाल्मीक ने कहा की उपराष्ट्रपति के साथ मैं भेड़ाघाट, और ग्वारीघाट में थी जिला कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन को पता था लेकिंन उन्होंने जानबूझकर योग दिवस पर दलित महिला होने की वजह से मेरे साथ इस प्रकार का व्यवहार किया। सुमित्रा बाल्मीक ने कहा की अगर जब भी कोई VIP आता है सभी के हाथो में जिला प्रशासन गुलदस्ते देता है लेकिन दलित महिला सांसद होने के नाते मुझे गुदस्ता नहीं दिया जाता। सुमित्रा बाल्मीक की ये नाराजगी ऐसे समय पर सामने आयी जब कुछ माह बाद मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले है. ऐसे में उनकी नाराजगी से भाजपा को दलित समुदाय के वोटो पर नुक्सान भी हो सकता है।


