September 16, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयहेडलाइंस

नव्य अयोध्या का दिव्यतम दीदार कराएगी फ्लोटिंग स्क्रीन

अयोध्या, 13 जनवरी । नव्य, भव्य और दिव्य अयोध्या सज चुकी है। महज 9 दिन बाद दुनिया उस पल का दीदार करेगी, जिसका 500 वर्षों से इंतजार था। आयोजन भव्यतम है तो इसका दीदार भी दिव्यतम होना चाहिए। इसी परिकल्पना के साथ योगी सरकार की मंशानुरूप फ्लोटिंग स्क्रीन का निर्माण कराया जा रहा है।

दावा है कि यह देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग स्क्रीन है, जो अयोध्या की विकास गाथा की अलग कहानी भी बयां करेगी। इसके लिए नगर निगम व सेंचुरी हॉस्पिटैलिटी-मेगावर्स एसोसिएट के मध्य अगस्त में एमओयू हुआ था।

इस पर 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा औऱ उसके बाद अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को करीब से आगंतुक-पर्यटक व स्थानीय नागरिक देख सकेंगे।

योगी आदित्यनाथ की सांस्कृतिक अयोध्या सजाने की थीम को इसके जरिए देश-दुनिया से आने वाले अधिक से अधिक लोग जानें, ऐसा प्रयास हो रहा है।

इसका निर्माण कराने वाली कंपनी के प्रबंध निदेशक अक्षय आनंद ने बताया कि यह देश की अब तक की सबसे बड़ी फ्लोटिंग स्क्रीन होगी। 1,800 स्क्वायर फीट की वेसेल का निर्माण इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) की देखरेख में चल रहा है। इसकी स्क्रीन 1,100 स्क्यवायर फ़ीट की होगी। अयोध्या के चौधरी चरण सिंह घाट पर नवंबर के प्रथम सप्ताह में इसका निर्माण शुरू हुआ था, बाद में इसे आरती घाट पर लगाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम से अगस्त में एमओयू किया गया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 8 थीम पर अयोध्या को प्रकाशमान करने की योजना बनाकर यहां का निरंतर विकास सुनिश्चित करा रहे हैं। इसी क्रम में सांस्कृतिक अयोध्या के दृष्टिगत भी इसे नई उड़ान दी जा रही है। इसके दृष्टिगत इस स्क्रीन पर सबसे पहले 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का प्रसारण होगा, इसके बाद यहां अयोध्या की आध्यात्मिक सांस्कृतिक, पौराणिक गाथा व महत्ता का दृश्यांकन होगा। साथ ही यहां अन्य आयोजनों से जुड़े कार्यक्रम भी दिखाए जाएंगे।

आनंद के मुताबिक इसके निर्माण में काफी समय लगता है। इसमें विशाखापट्टनम के 60-70 से कारीगर लगे हैं। रात-दिन काम कराकर इसे रिकॉर्ड समय (19 जनवरी) में पूरा करा लिया जाएगा। पीएम मोदी व सीएम योगी के मेड इन इंडिया की अवधारणा के अनुरूप ही इस पर काम हो रहा है। अभी यह बायोडीजल से संचालित की जाएगी, लेकिन, योजना है कि आने वाले दिनों में इसे सोलर से संचालित किया जाए। फिलहाल इसे चौधरी चरण सिंह घाट से लक्ष्मण घाट तक लगभग तीन किमी. दूरी में गहरे जल के समीप ही संचालित किया जाएगा, लेकिन, सरयू के जल के प्रवाह के मद्देनजर इस फ्लोटिंग स्क्रीन का दायरा भी बढ़ता जाएगा।

प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत पांच हजार वर्ग फीट के फ्लोटिंग रेस्तरां के निर्माण की भी योजना है। इसे लेकर एमओयू हो चुका है। फ्लोटिंग स्क्रीन के सफल संचालन के बाद कंपनी इस योजना पर कार्य शुरू करेगी। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह रेस्तरां अयोध्या आने वाले पर्यटकों को आधुनिक सुविधाओं का अहसास कराएगा। रेस्तरां में भी खानपान, संस्कृति के साथ ही ऐसी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिस पर राम की गाथा-कथा आदि की भी प्रस्तुति होगी।

अन्य ख़बरें

पीएम मोदी ने सिर्फ नींबू पानी पीकर 23 दिनों में इमरजेंसी पर लिखी थी ‘संघर्ष मा गुजरात’ किताब

Newsdesk

तमिलनाडु: मदुरै मीनाक्षी मंदिर ‘महा कुंभाभिषेकम’ के लिए तैयार, जिला प्रशासन अलर्ट

Newsdesk

विश्वकर्मा जयंती 2026: कैसे शुरू हुई विश्वकर्मा पूजा की परंपरा? जानें भगवान विश्वकर्मा के जन्म और पौराणिक कथा की कहानी

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading