L
हिन्दी महोत्सव में डॉ. दीप्ति पटेल सम्मानित, ‘पॉपकार्न’ नाटक की प्रस्तुति
जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत परिवार हिन्दी समिति के तत्वावधान में आयोजित हिन्दी महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को शक्तिभवन स्थित केन्द्रीय पुस्तकालय में कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रदेश की विद्युत कंपनियों के 50 कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए हिन्दी में कार्यालयीन टीप लेखन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नवोदित कार्मिकों की सहभागिता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नेत्र चिकित्सक एवं संवेदनशील कवयित्री डॉ. दीप्ति पटेल थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन एवं प्रशासन तथा मध्य प्रदेश विद्युत परिवार हिन्दी समिति के अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अनुराग नायक, हिन्दी समिति के उपाध्यक्ष नितिन खत्री, संयोजक दीपक निगम सहित बड़ी संख्या में विद्युत कार्मिक उपस्थित रहे। डॉ. दीप्ति पटेल को हिन्दी सेवा के लिए सम्मानित भी किया गया।
डॉ. पटेल ने कहा कि किसी भी अभिव्यक्ति के लिए हिन्दी सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। विद्युतकर्मी पूरे प्रदेश को रोशन करते हैं, लेकिन बिजली जहां भौतिक अंधेरे को दूर करती है, वहीं मातृभाषा हिन्दी वैचारिक और सांस्कृतिक अंधकार को दूर करती है। कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी में टीप लिखना राजभाषा के गौरव को मजबूत करने का माध्यम है।
फिरोज कुमार मेश्राम ने कहा कि हिन्दी महोत्सव की प्रतियोगिताएं लेखन, अभिव्यक्ति और ज्ञानवृद्धि का माध्यम हैं। कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा हिन्दी का प्रभावी उपयोग प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में समागम रंगमंडल ने आशीष पाठक लिखित एवं निर्देशित ‘पॉपकार्न’ नाटक का मंचन किया। नाटक ने व्यवस्था, अर्थव्यवस्था और नैतिक मूल्यों के साथ संवेदनशील इंसान के निर्माण की आवश्यकता पर गंभीर संदेश दिया।
हिन्दी महोत्सव के अंतर्गत जबलपुर केन्द्रित छायाचित्र एवं कार्टून प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें छायाकार अजय धाबर्डे के छायाचित्र तथा कार्टूनिस्ट राजेश दुबे के कार्टून प्रदर्शित किए गए। अजय यादव ने पुस्तक प्रदर्शनी संयोजित की। संचालन नुसरत मदनी सिद्दीकी ने किया।
हिन्दी महोत्सव के अगले चरण में 16 सितंबर को अपराह्न 3 बजे तत्कालिक भाषण प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसके बाद विवेचना थिएटर ग्रुप के बाल कलाकार आदित्य रूसिया के निर्देशन में हरिशंकर परसाई के व्यंग्य ‘सदाचार का ताबीज’ का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया जाएगा।
चाहें तो इसे मैं �250 शब्दों के बिल्कुल अखबारी संस्करण में भी कर सकता हूं, जिसमें शीर्षक और उपशीर्षक को और ज्यादा प्रभावी रखा जाएगा।


