36.6 C
Jabalpur
May 30, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

सिंगापुर पहुंचे भारतीय नौसैनिक जहाज दिल्ली, शक्ति और किल्टन

नई दिल्‍ली, 7 मई । भारतीय नौसेना के जहाज दिल्ली, शक्ति और किल्टन सिंगापुर पहुंचे हैं। ये युद्धपोत दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन तैनाती का हिस्सा हैं।

सिंगापुर गणराज्य की नौसेना के कर्मियों और सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त ने इनका गर्मजोशी से स्वागत किया। हाल ही में 4 मई को चीन के एक लड़ाकू विमान ने ऑस्ट्रेलिया के हेलीकॉप्टर पर ‘फ्लेयर-ब्लास्ट’ किया था।

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने इसकी शिकायत चीन से की है। इसके बाद से दक्षिण चीन सागर में तनाव है। इस बीच भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत सिंगापुर पहुंचे हैं। नौसेना के मुताबिक पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल राजेश धनखड़ के नेतृत्व में भारतीय नौसेना के जहाज दिल्ली, शक्ति और किल्टन सिंगापुर पहुंचे हैं।

तीनों जहाज दक्षिण चीन सागर में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े की परिचालन तैनाती का हिस्सा हैं। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत के इन जहाजों की इस यात्रा से कई कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से दोनों समुद्री देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता और सहयोग को और मजबूती मिलेगी।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक बंदरगाह में इन जहाजों के प्रवास के दौरान, विभिन्न गतिविधियों को शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसमें भारतीय उच्चायोग के साथ बातचीत, सिंगापुर की नौसेना के साथ पेशेवर बातचीत के साथ-साथ अकादमिक और सामुदायिक आउटरीच सहित अन्य गतिविधियां शामिल हैं, जो दोनों नौसेनाओं के साझा मूल्यों को दर्शाती हैं।

भारतीय नौसेना और सिंगापुर की नौसेना के बीच तीन दशकों के सहयोग, समन्वय और नियमित यात्राओं, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और पारस्परिक प्रशिक्षण व्यवस्थाओं के साथ मजबूत संबंध रहे हैं। वर्तमान तैनाती दोनों नौसेनाओं के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाती है।

अन्य ख़बरें

भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम, नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने जारी किया 10 साल का रोडमैप

Newsdesk

माफिया अब खुली जीप में पिस्टल लहराते हुए किसी हिंदू को धमका नहीं सकता : सीएम योगी

Newsdesk

राहुल गांधी ने सीबीएसई के ओएसएम के लिए कॉन्ट्रैक्ट देने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोप लगाए

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading