September 16, 2026
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आंध्र प्रदेश कॉलेज विवाद पर मंत्री लोकेश ने कहा, ‘कोई हिडन कैमरा नहीं मिला’

अमरावती, 2 सितम्बर। आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने रविवार को इस बात से इनकार किया कि कृष्णा जिले के गुडलवल्लेरू इंजीनियरिंग कॉलेज में कोई हिडन कैमरा लगा हुआ था। उन्होंने हालिया विवाद को चार छात्रों के बीच का विवाद बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि कॉलेज में कहीं भी कोई हिडेन कैमरा नहीं था। मीडिया के एक वर्ग द्वारा इस मुद्दे को सनसनीखेज बना दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हिडन कैमरे के आरोपों का समर्थन करने वाला कोई वीडियो या सबूत सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि ‘ब्लू मीडिया’ ने इसे सनसनीखेज बनाने की कोशिश की। उनका आशय विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के करीबी माने जाने वाले मीडिया आउटलेट्स से था। लोकेश ने आरोप लगाया कि यह मीडिया किसी भी छोटी-मोटी घटना को सनसनीखेज बनाने के लिए ही काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “जब से मैं शिक्षा मंत्री बना हूं, मुझ पर फोकस किया जा रहा है। मैं उस फोकस के लिए तैयार हूं। मुझे कोई समस्या नहीं है।” लोकेश ने कहा कि मीडिया को सब पता है कि कॉलेज में क्या हुआ था और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा, “यह तीन-चार छात्रों के बीच का विवाद था। हमने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। किसने किससे और कहां बात की, इसकी पूरी जांच खुफिया महानिदेशक कार्यालय कर रहा है, लेकिन कहीं कोई छिपा हुआ कैमरा नहीं था।” एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए लोकेश ने उनसे छिपा हुआ कैमरा दिखाने को कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने परिसर की तलाशी ली और छात्र कोई हिडेन कैमरा नहीं दिखा सके। कॉलेज के हॉस्टल में लड़कियों के शौचालय में कथित तौर पर एक गुप्त कैमरा लगाए जाने के मामले ने 29 और 30 अगस्त को छात्रों के बीच भारी विरोध-प्रदर्शन को जन्म दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया था कि कुछ दिन पहले ही महिला शौचालय में कैमरे लगाए गए थे और शिकायतों के बावजूद वार्डन तथा कॉलेज प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने 30 अगस्त को संदिग्धों के लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जब्त कर लिए। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उसी दिन आरोपों की जांच के आदेश दिए। खनन मंत्री के. रविंद्र, कृष्णा जिले के कलेक्टर डी.के. बालाजी और पुलिस अधीक्षक आर. गंगाधर राव ने कॉलेज का दौरा किया और दोषियों को सजा दिलाने तथा उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना विरोध-प्रदर्शन वापस ले लिया। पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।

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