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June 11, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

कश्मीर में लश्कर कमांडरों और पहलगाम हमले के संदिग्धों के मकान ध्वस्त

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद, सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ कर दी है। सूत्रों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर में कई सक्रिय आतंकियों के घरों को रातभर चलाए गए अभियान में ध्वस्त कर दिया गया।

शुक्रवार रात, शोपियां के छोटीपोरा निवासी और लश्कर का शीर्ष कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे का घर प्रशासन ने गिरा दिया। कुट्टे बीते 3-4 वर्षों से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहा है और देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में अहम भूमिका निभा चुका है।

कुलगाम के मतलहामा निवासी और सक्रिय आतंकी जाहिद अहमद का घर भी रात में ध्वस्त किया गया। वहीं पुलवामा ज़िले में, जून 2023 से सक्रिय लश्कर आतंकी एहसान अहमद शेख के दो-मंज़िला मकान को भी गिरा दिया गया।

एक अन्य लश्कर आतंकी, हारिस अहमद, जो 2023 से सक्रिय था, उसका कचिपोरा (पुलवामा) स्थित घर एक धमाके में तबाह कर दिया गया।

पुलवामा के मुर्रन क्षेत्र में, पहलगाम हमले के संदिग्ध एहसान उल हक शेख का घर भी विस्फोट में जमींदोज़ कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, एहसान 2018 में पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण लेकर आया था और हाल ही में घाटी में फिर से सक्रिय हुआ था।

शुक्रवार को पहले, त्राल के मोंघामा क्षेत्र में आतंकी आसिफ शेख से जुड़ा एक घर भी एक शक्तिशाली विस्फोट में नष्ट हो गया। शेख, जो कथित रूप से लश्कर का स्थानीय कमांडर है, पर पहलगाम हमले में संलिप्तता की जांच जारी है।

सुरक्षा बलों को तलाशी के दौरान घर में संदिग्ध वस्तुएं मिली थीं, जिसके बाद एहतियातन बलों ने पीछे हटते ही घर में जबरदस्त धमाका हुआ। इससे वहां विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी की आशंका और मजबूत हो गई।

एक और बड़ी कार्रवाई में, बेजबिहाड़ा के गुरे गांव में रहने वाले लश्कर ऑपरेटिव आदिल ठोकर उर्फ आदिल गुरे का मकान गिरा दिया गया।

आदिल पर पहलगाम हमले में अहम भूमिका निभाने का संदेह है। 2018 में वह कानूनी रूप से पाकिस्तान गया था, जहां उसे आतंकी प्रशिक्षण मिला और वह पिछले साल घाटी लौटा। तब से वह सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।

इन सभी कार्रवाइयों को भारत द्वारा पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किए गए कड़े आतंक विरोधी अभियानों के तहत अंजाम दिया गया।

22 अप्रैल को, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने पहलगाम के बैसरान क्षेत्र में नरसंहार को अंजाम दिया था।

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