Jabalpur News Today। मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह को सोमवार को जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली, जब अदालत ने उनके खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई कानूनी प्रक्रिया को खत्म कर दिया। यह मामला एक महिला सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान से जुड़ा था, जिसने व्यापक जनचर्चा को जन्म दिया था।
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में स्वत: संज्ञान की कार्यवाही को आगे बढ़ाना जरूरी नहीं है। उल्लेखनीय है कि विजय शाह के बयान को पहले कोर्ट ने बेहद आपत्तिजनक मानते हुए डीजीपी को निर्देश दिया था कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। आदेश का पालन करते हुए मानपुर थाने में मामला दर्ज भी किया गया था।
बाद में अदालत ने एफआईआर की जांच रिपोर्ट पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे “कमी से भरी और प्रभावहीन” बताया। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को इस मामले में दखल देते हुए जबलपुर हाईकोर्ट से कार्यवाही पर पुनर्विचार करने की अपेक्षा जताई थी।
सोमवार को दिए गए आदेश ने विजय शाह को कानूनी जटिलताओं से राहत दिला दी है। यह फैसला न केवल मंत्री के लिए सुकून भरा है, बल्कि इससे प्रदेश की राजनीति में फैली गरमाहट भी कुछ हद तक ठंडी पड़ सकती है।
फिलहाल इस आदेश के बाद मामला शांत होता दिख रहा है, लेकिन यह देखना होगा कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं क्या रुख अख्तियार करती हैं।


