Jabalpur News। विगत कुछ दिनों में दहेज के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसमें नवविवाहिताओं को न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में जबलपुर में एक नवविवाहिता निधि दुबे उपाध्याय के साथ ऐसा ही एक दुखद मामला सामने आया है, जहां उसे शादी के मात्र तीन महीने बाद ही ससुराल से बेदखल कर दिया गया।
निधि का विवाह 22 फरवरी को अंशुल दुबे के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह में उसके पिता ने सामर्थ्यानुसार गृहस्थी का सामान और सोने-चांदी के आभूषण दिए थे। लेकिन शादी के बाद ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर उसे ताना मारना शुरू कर दिया। निधि ने बताया, “मेरे पति अंशुल, मेरी सास हेमलता और ससुर ओमप्रकाश मुझसे बार-बार कहने लगे कि शादी में पर्याप्त दहेज नहीं दिया गया है। वे मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।”
भाभी की दखलंदाजी ने खोली सच्चाई
23 मई को निधि की भाभी शिल्पा उपाध्याय उससे मिलने आईं। उन्होंने देखा कि निधि को कमरे में बंद कर उसके साथ मारपीट की जा रही थी। शिल्पा ने इस पर आपत्ति की, लेकिन ससुराल वालों ने उन पर भी हाथ उठाया और स्पष्ट कर दिया कि यदि निधि को उनके घर में रखना है तो दहेज की मांगों को पूरा करना होगा।
निधि ने यह भी बताया कि उसके पति को नौकरी किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन सच्चाई यह है कि वह “निठल्ला” है और घर पर ही रहता है। इस स्थिति ने न केवल निधि बल्कि उसके पूरे परिवार को मानसिक तनाव में डाल दिया है।
भाई की कोशिशें बेकार
निधि के भाई शिवदास उपाध्याय ने भी 26 मई को ससुराल जाकर बातचीत करने की कोशिश की। हालांकि, सास और पति ने फिर से वही रुख अपनाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे उनकी बहन को नहीं रखेंगे।
शिवदास ने अपनी बहन के हालातों को देखते हुए कहा, “हमने हर संभव कोशिश की है, लेकिन ऐसा लगता है कि उनके लिए मेरी बहन की खुशियों का कोई महत्व नहीं है।”
पुलिस की कार्रवाई
निधि की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “हमने आवश्यक कार्रवाई की है और आरोपियों की तलाश जारी है।”


