जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले के डाचीगाम क्षेत्र में ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत सोमवार को सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को घेरकर मुठभेड़ में मार गिराया। सेना ने इसकी जानकारी दी।
डाचीगाम नेशनल पार्क के ऊपरी हिस्से में, श्रीनगर के हरवन क्षेत्र में महादेव चोटी के पास सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई इस जबरदस्त मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया, “अभी भी क्षेत्र में ऑपरेशन जारी है। मारे गए आतंकियों की सटीक पहचान की जा रही है।”
तीनों आतंकियों की मौत उस वक्त हुई जब सोमवार को डाचीगाम नेशनल पार्क में सुरक्षाबलों ने एक आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया था।
एक अधिकारी ने बताया, “इस अभियान की शुरुआत खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई थी। चूंकि यह इलाका घना और दुर्गम है, इसलिए अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया।”
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षाबल पूरे क्षेत्र में आतंकवादियों, ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और उनके समर्थकों को निशाना बनाकर आक्रामक अभियान चला रहे हैं, ताकि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
पहले जहां आतंकियों के सफाए पर ही ध्यान होता था, वहीं 2019 के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंक विरोधी अभियानों को एक व्यापक दृष्टिकोण और उद्देश्य प्रदान किया है, जिसमें आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की बात कही गई है।
अब सुरक्षा की अवधारणा पूरी तरह बदल चुकी है और हथियारबंद या बिना हथियार सभी राष्ट्रविरोधी तत्वों को आतंकवाद विरोधी अभियानों के दायरे में लाया गया है।
22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों द्वारा पहलगाम के बैसरण घास मैदान में किए गए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के बाद से आतंक विरोधी अभियानों में अत्याधुनिक तकनीक और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग किया जा रहा है ताकि आतंकियों की नापाक साजिशों को नाकाम किया जा सके।
इस जघन्य पहलगाम हमले से पूरा देश आक्रोशित हो गया था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र बलों को इसका बदला लेने के लिए पूरी छूट दे दी थी।
भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के भीतर स्थित नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया।
हालांकि, इसके जवाब में पाकिस्तान ने सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमला किया, जिसमें दर्जनों घर, धार्मिक स्थल जैसे मंदिर, गुरुद्वारा और चर्च को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 18 सैन्य ठिकानों को भी भारी क्षति पहुंची।


