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October 26, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

गरीबी से हारे माँ-बाप, 28 दिन की बेटी का 20 हजार में किया सौदा, पुलिस ने वक्त रहते मासूम को बचाया

ओडिशा के बोलनगीर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक दंपति पर अपनी महज 28 दिन की मासूम बेटी को 20 हजार रुपये में बेचने का गंभीर आरोप लगा है। इस सनसनीखेज मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। हालांकि, माता-पिता और बच्ची को लेने वाले दंपति, दोनों ने ही पैसे के लेनदेन से इनकार किया है और इसे बेहतर परवरिश के लिए उठाया गया कदम बताया है।

जानकारी के मुताबिक, यह मामला बोलनगीर जिले के टिटलागढ़ उप-मंडल के बागडेरा गांव का है। यहां रहने वाले नीला और कनक राणा ने अपनी नवजात बेटी को पड़ोस के बरगढ़ जिले के पाइकमल क्षेत्र में रहने वाले एक दंपति को सौंप दिया। सूत्रों से खबर फैली कि यह सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ था। इसकी भनक लगते ही पुलिस और बाल कल्याण समिति (CWC) की टीमें सक्रिय हो गईं।

टिटलागढ़ के एसडीपीओ कल्याण बेहरा ने बताया कि सूचना पर कार्रवाई करते हुए मासूम बच्ची को पाइकमल में एक दंपति के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उसे बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, क्योंकि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

बोलनगीर जिले की बाल कल्याण समिति की प्रभारी अध्यक्ष लीना बाबू ने पुष्टि की कि बच्ची को बचा लिया गया है। उन्होंने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता शिशु को सुरक्षित निकालना थी। अब हम मामले की जांच शुरू करेंगे और संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएंगे।”

आरोपों के घेरे में आए बच्ची के जैविक माता-पिता, नीला और कनक राणा, बेहद गरीब हैं। यह दोनों की दूसरी शादी है और उनकी पहले से भी बेटियां हैं। नीला राणा ने बाल कल्याण समिति के सामने कहा, “हमने उसे बेचा नहीं है। हमने बच्ची को उसकी बेहतर परवरिश के लिए दिया है, पैसों के लिए नहीं।” वहीं, बच्ची को लेने वाले पाइकमल के दंपति ने भी खरीदने के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने बच्ची को केवल दया और मानवता के आधार पर अपने पास रखा, क्योंकि उसके जैविक माता-पिता उसकी देखभाल करने में असमर्थ थे।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब बोलनगीर जिले से ऐसी घटना सामने आई हो। नवंबर 2024 में भी एक महिला ने अपनी नवजात बच्ची को बेच दिया था, जिसे बाद में छुड़ाया गया था। फिलहाल, पुलिस और सीडब्ल्यूसी इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं कि यह केवल आर्थिक मजबूरी का मामला है या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।

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