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September 12, 2026
सी टाइम्स
टेक्नोलॉजी

AI से खतरे में कई नौकरियां : Microsoft स्टडी का बड़ा खुलासा

माइक्रोसॉफ्ट की एक हालिया स्टडी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सबसे बड़ा प्रभाव उन पेशों पर पड़ने जा रहा है, जिनमें भाषाई, विश्लेषणात्मक और प्रशासनिक क्षमताओं की जरूरत होती है। इन नौकरियों में इंटरप्रेटर्स, ट्रांसलेटर्स, पत्रकार, इतिहासकार, सेल्स रिप्रेजेंटेटिव और डेटा साइंटिस्ट्स शामिल हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि AI का मकसद इन नौकरियों को पूरी तरह खत्म करना नहीं है, बल्कि उनके काम करने के तरीके में बुनियादी बदलाव लाना है।

AI से सबसे ज्यादा प्रभावित नौकरियां

स्टडी के अनुसार, AI का प्रभाव सबसे पहले कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव पर पड़ेगा, जिनसे करीब 2.86 मिलियन लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा राइटर, एडिटर, ट्रांसलेटर, जर्नलिस्ट, वेब डेवलपर्स, डेटा साइंटिस्ट्स, बिजनेस एनालिस्ट, और PR प्रोफेशनल्स के लिए भी AI खतरे की घंटी साबित हो सकता है। इन क्षेत्रों में ChatGPT और Microsoft Copilot जैसे AI टूल पहले से ही प्रयोग में लाए जा रहे हैं, जिससे लंबे समय में इन पेशों की job security पर सवाल खड़े हो गए हैं।

खतरे की सूची में कौन-कौन सी नौकरियां?

Microsoft की रिसर्च के अनुसार, AI से सर्वाधिक प्रभावित होने वाली नौकरियों की सूची में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • अनुवादक और इंटरप्रेटर

  • सोशल साइंस असिस्टेंट, इतिहासकार, समाजशास्त्री

  • पब्लिक रिलेशन स्पेशलिस्ट, पत्रकार, टेक्निकल राइटर

  • कॉपीराइटर, प्रूफरीडर, कोर्ट रिपोर्टर, लेखक

  • कस्टमर सर्विस व सेल्स रिप्रेजेंटेटिव, बीमा अंडरराइटर

  • डाटा साइंटिस्ट, कंप्यूटर सिस्टम एनालिस्ट, वेब डेवलपर

  • लीगल असिस्टेंट, टैक्स प्रिपेयरर, ह्यूमन रिसोर्स प्रोफेशनल्स

इन नौकरियों में AI के कारण ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इंसानों की भूमिका सीमित होती जा रही है।

किन नौकरियों पर AI का असर नहीं

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ नौकरियां ऐसी हैं जिन पर AI का असर बहुत कम या नहीं के बराबर पड़ेगा। ये वे काम हैं जिनमें शारीरिक मेहनत, तकनीकी उपकरणों का संचालन और मानवीय स्पर्श की ज़रूरत होती है, जैसे:

  • कूलिंग, फ्रीजिंग, पंप ऑपरेटर

  • फायरफाइटिंग सुपरवाइजर, कंस्ट्रक्शन लेबर, रूफर

  • वेस्ट ट्रीटमेंट और वाटर ट्रीटमेंट ऑपरेटर

  • मसाज थेरेपिस्ट, फिजिकल थेरेपी असिस्टेंट, जनरेटर और क्लीनर

  • डिशवॉशर, मेड व हाउसकीपिंग स्टाफ

ये नौकरियां अभी भी इंसानों के लिए अधिक उपयुक्त मानी जा रही हैं क्योंकि इनमें गहरी समझ, संवेदनशीलता और अनुकूलन क्षमता की जरूरत होती है, जो AI नहीं कर सकता।

AI से लड़ाई नहीं, साझेदारी ज़रूरी

Microsoft की स्टडी का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह है कि हमें AI से डरने की बजाय उसे “कोपायलट” (सहायक) की तरह उपयोग करना सीखना चाहिए। AI न केवल कार्य की गति बढ़ा सकता है, बल्कि जटिल डेटा को आसान तरीके से प्रस्तुत करके निर्णय लेने में भी मदद कर सकता है। इसके लिए जरूरी है कि लोग अपने कौशल को अपडेट करें, AI टूल्स की समझ विकसित करें और नई तकनीकों के साथ सामंजस्य बैठाएं।

AI हमारी नौकरियों को छीनने नहीं आया है, बल्कि काम करने का तरीका बदलने आया है। यह इंसानों को अधिक कुशल बनाने और उन्हें रचनात्मक कार्यों में संलग्न करने का एक जरिया है। भविष्य उन्हीं का है जो बदलते समय के साथ सीखने और अनुकूलन को तैयार हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम AI को खतरे के रूप में नहीं, बल्कि एक मौके के रूप में देखें – जो हमारे काम को आसान, तेज और प्रभावशाली बना सकता है।

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